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पुष्कर सिंह धामी ने जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के अंतर्गत कराए जा रहे निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी मांग को स्वीकृति प्रदान कर, दी बड़ी सौगात।

तय समय पर परियोजना को पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा करने के दिए निर्देश

उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश को मिलेगा परियोजना से सीधा लाभ*

जमरानी बांध परियोजना क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री धामी

सिंचाई समेत पेयजल का भी लाभ मिलेगा इस बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना से, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नैनीताल जनपद भ्रमण के दौरान गोला नदी पर सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए निर्माणाधीन जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों से विस्तृत जानकारी ली और सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह परियोजना सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी मांग को स्वीकार कर इस परियोजना को स्वीकृति देना एक बड़ी सौगात है, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने सकारात्मक सोच के साथ पर्यावरणीय और तकनीकी अड़चनों को दूर कर परियोजना को आगे बढ़ाया है। उन्होंने स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया। जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाओं को कागजों से निकालकर धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है और जनहित से जुड़े किसी भी विकास कार्य को अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना राज्य की समृद्धि का प्रतीक है और उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल करने की दिशा में इसका बड़ा योगदान होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने से जहां एक ओर सिंचाई और पेयजल की सुविधा सुदृढ़ होगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय लोगों की मांग पर परियोजना से विद्युत उत्पादन के संबंध में केंद्र सरकार से वार्ता की जाएगी।

परियोजना के महाप्रबंधक महेश खरे ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जमरानी बांध परियोजना के अंतर्गत दो टनलों का निर्माण कार्य लगभग 88 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। नदी के पानी के डायवर्जन के लिए कॉफर डैम का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जून 2026 तक टनल निर्माण और कृत्रिम डैम का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद मानसून में नदी का पानी टनलों के माध्यम से डायवर्ट किया जाएगा। परियोजना का समस्त निर्माण कार्य जून 2029 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

निरीक्षण के दौरान विधायक कालाढुंगी बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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