उत्तराखंड में डबल पेंशन घोटाला उजागर, 1000 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन पर रोक
देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बावजूद समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं का अनुचित लाभ लेने वाले 1000 से अधिक लोगों का मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद संबंधित पेंशनभोगियों की पेंशन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा हाल में किए गए सरकारी पेंशन से जुड़े डाटा विश्लेषण में यह कथित फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। जांच में पाया गया कि विभिन्न सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने विभागीय पेंशन के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन, स्वतंत्रता सेनानी पेंशन या राज्य आंदोलनकारी पेंशन जैसी योजनाओं का भी लाभ ले रहे थे, जबकि वे इसके लिए पात्र नहीं थे।
समाज कल्याण विभाग ने सभी जिलों को अपात्र व्यक्तियों की सूची भेजते हुए मामलों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद फर्जीवाड़े में संलिप्त पेंशनभोगियों के खिलाफ वसूली समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या कर्तव्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखंड की गरिमा के अनुरूप उनकी सरकार पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।














