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नशेड़ी ने की निर्दोष दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की हत्या, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया; एक फोन से खुला राज

मोबाइल की एक कॉल से खुली दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की हत्या की गुत्थी, आरोपी अयान गिरफ्तार

हरिद्वार। दिव्यांग ई-रिक्शा चालक मनीष की हत्या के मामले में पुलिस ने मोबाइल की एक अहम कॉल के जरिए आरोपी अयान तक पहुंचकर मामले का खुलासा कर दिया।

पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी ने मनीष के मोबाइल से सिम निकालकर तोड़ दी थी, लेकिन मोबाइल से की गई आखिरी कॉल ही उसके लिए फंदा बन गई।

स्वजन के अनुसार मनीष दिव्यांग होने के बावजूद ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। एक फरवरी की रात जब वह घर नहीं लौटे तो परिजन चिंतित हो गए। काफी तलाश के बाद भी सुराग न मिलने पर चार फरवरी को रानीपुर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

शुरुआत में मामला साधारण गुमशुदगी का प्रतीत हो रहा था, क्योंकि मनीष या उनके परिवार की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। बावजूद इसके पुलिस ने हर पहलू से जांच आगे बढ़ाई और मनीष के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। जांच में सामने आया कि मनीष के मोबाइल से आखिरी कॉल जिस नंबर पर की गई थी, वह पांवधोई निवासी अयान से जुड़ी थी।

पुलिस ने अयान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी को लगा था कि मनीष उसे नहीं पहचानता और सिम तोड़कर फेंकने से वह सुरक्षित रहेगा, लेकिन मनीष उसे पहचानता था और मोबाइल की तलाश में अयान के घर तक पहुंच गया। यही बात उसके लिए जानलेवा साबित हुई।

पुलिस के अनुसार नशे की लत पूरी करने के लिए आरोपी छोटी-मोटी वारदातों को अंजाम देते थे। चंद हजार रुपये के मोबाइल के लिए एक बेगुनाह की हत्या कर दी गई, जिससे तीन बच्चों के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया।

पहले भी जेल जा चुका है आरोपी का साथी

रानीपुर कोतवाली के एसएसआई नितिन चौहान ने बताया कि आरोपी अयान और उसका साथी बिलाल दोनों नशे के आदी हैं। बिलाल पहले भी ज्वालापुर कोतवाली से गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है और कुछ दिन पहले ही जमानत पर बाहर आया था।

शराब पीने के दौरान अयान ने बिलाल को मनीष के बारे में बताया था। कुछ देर बाद मनीष दोबारा अयान से टकरा गया। कहासुनी के बाद आरोपी ने साथ बैठकर शराब पीने का झांसा दिया और फिर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

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