फर्जी क्रिकेट लीग मामला: विकास ढाका के संपर्कों की जांच करेगी पुलिस, आज जमानत पर फैसला
हल्द्वानी। क्रिकेट लीग कराने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के आरोपी विकास ढाका के खिलाफ पुलिस जांच तेज हो गई है। अब पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन को अहम सबूत मानते हुए न्यायालय से कस्टडी लेकर उसकी फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल से इस पूरे फर्जीवाड़े से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लग सकते हैं।
गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में क्रिकेट लीग कराने का झांसा देकर नोएडा निवासी विकास ढाका पर हल्द्वानी निवासी पूर्व विधायक नारायण पाल से करीब 9 लाख रुपये और हरियाणा के झज्जर निवासी हेमंत शर्मा से 23 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। आरोप है कि आरोपी ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के आने का दावा कर दोनों पीड़ितों को टीमों की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा दिया था।
मामले में पुलिस पहले ही विकास ढाका को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसपी सिटी मनोज कत्याल के अनुसार, आरोपी किन लोगों के संपर्क में था, किन-किन से नियमित बातचीत करता था और इस फर्जीवाड़े में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे—इन सभी पहलुओं की जानकारी मोबाइल डेटा से मिलने की संभावना है। पुलिस मोबाइल फोन की जांच के लिए न्यायालय में कस्टडी रिमांड का आवेदन करेगी।
इधर, आरोपी विकास ढाका की ओर से उसके वकील ने जमानत अर्जी दाखिल की है। नौ फरवरी को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी। इसके बाद ही तय होगा कि आरोपी को जमानत मिलती है या वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहेगा।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर खेल प्रेमियों और स्थानीय आयोजकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।














