नैनीताल में जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने अधिकारियों पर अभद्रता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाये; 23 फरवरी से उग्र आंदोलन की चेतावनी
रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने राजस्व अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।
बार संघ अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारियों को पूर्व में भी पत्र के माध्यम से समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। एसोसिएशन के सचिव दीपक रूवाली ने आरोप लगाया कि जिले के अधिकारी अधिवक्ताओं के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ न्यायिक अधिकारी समय पर न्यायालय में नहीं बैठ रहे हैं और राजस्व न्यायालयों में गैर-विधिक व्यक्तियों से कार्य कराया जा रहा है, जिससे कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी अधिवक्ता के साथ अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। धरने की सूचना पर एडीएम विवेक राय मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं की मांगों पर लिखित आश्वासन देते हुए जल्द सुधार का भरोसा दिलाया।
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो 23 फरवरी से हल्द्वानी, रामनगर समेत अन्य जिला बार एसोसिएशनों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
धरने में उपाध्यक्ष शंकर चौहान, दीपक दत्त, ओंकार गोस्वामी, नीरज साह, ज्योति प्रकाश सिंह बोरा, प्रताप सिंह पडियार, शरद साह, अरुण बिष्ट, अनिल बिष्ट, कमल चिलवाल, सुभाष जोशी, रवि आर्या, मनीष कांडपाल, दीपक दानु, नीरज गोस्वामी, जितेंद्र बंगारी, गजेंद्र मेहरा, प्रदीप परगाई, तरुण चंद्रा, निर्मल कुमार, प्रदीप प्रसाद, एस.के. गोयल, प्रीति साह, किरन आर्या, जया आर्या, हेमंत कुमार सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे।














