हल्द्वानी। गांधी आश्रम फतेहपुर क्षेत्र में बाघ के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी इसी वन क्षेत्र में बाघ/गुलदार के हमलों में सात लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद वन विभाग द्वारा कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उनका कहना है कि वन्यजीवों की गतिविधियों की सूचना समय-समय पर विभाग को दी जाती रही, लेकिन न तो नियमित गश्त बढ़ाई गई और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गंभीर कार्रवाई की गई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। लोगों ने वन विभाग से तत्काल सघन गश्त, प्रभावित क्षेत्र में पिंजरे लगाने और हमलावर बाघ को पकड़ने की मांग की है।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा देने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान की














