ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

रुद्रपुर। नियमों को ताक पर रखकर जनसेवा केंद्र चला रहे चेतन कुमार का काला कारनामा सामने आने के बाद फर्जीवाड़े की परतें लगातार खुल रही हैं।

कमाई के लालच में उसने कानून को ठेंगा दिखाते हुए बड़े पैमाने पर जाली आधार कार्ड, पैन कार्ड और अंकतालिकाएं तैयार कीं।

500 फर्जी दस्तावेज, 300 को मिली नौकरी

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर और मुरादाबाद में रहने वाले करीब 500 लोगों के दस्तावेजों में नाम और पता बदलकर फर्जी आधार, पैन कार्ड और शैक्षिक प्रमाणपत्र बनाए। इन्हीं जाली दस्तावेजों के आधार पर लगभग 300 लोगों को सिडकुल की विभिन्न कंपनियों में नौकरी भी मिल गई।

अपने दस्तावेज़ का बारकोड लगाता था

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी फर्जी अंकतालिकाओं और आधार कार्ड पर अपने ही दस्तावेज का बारकोड लगा देता था, जिससे प्राथमिक जांच में कागज असली प्रतीत होते थे।

सिडकुल क्षेत्र में औसतन 70 प्रतिशत नौकरियां उत्तराखंड के स्थानीय लोगों और 30 प्रतिशत अन्य राज्यों के लोगों को दिए जाने की व्यवस्था है। लेकिन इस फर्जीवाड़े के जरिए बाहरी राज्यों के लोगों ने गलत दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल कर ली।

एक साल पहले आया था रुद्रपुर

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह और यूएस नगर के एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, चेतन करीब एक वर्ष पहले रामपुर से रुद्रपुर आया था।

उसने गड्ढा कॉलोनी, शिमलाबहादुर में किराये का कमरा लेकर ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में जनसेवा केंद्र संचालित करना शुरू किया था।

मंगलवार देर रात जनसेवा केंद्र पर छापेमारी के बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें :  अपराधियों पर शिकंजा कसने को ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’, नैनीताल पुलिस का एक माह का सघन सत्यापन अभियान शुरू

You missed

error: Content is protected !!