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अप्रैल से शुरू होगा उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण, यूपी–बिहार की अद्यतन मतदाता सूचियों से मिलेगा बड़ा लाभ

देहरादून। उत्तराखंड में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन तंत्र ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल माह से यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दी जाएगी। इस बार एसआईआर के दौरान राज्य को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक राहत मिलने जा रही है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद वहां की अद्यतन मतदाता सूचियां जारी हो जाएंगी। इससे उत्तराखंड में निवास कर रहे इन राज्यों के मूल निवासियों की मैपिंग और सत्यापन का कार्य अधिक सरल और सटीक हो सकेगा। इसका सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश व बिहार से विवाह कर उत्तराखंड आई बहुओं को मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता मैपिंग का कार्य तेजी से चल रहा है, जो अब तक लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जिन जिलों में यह कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां जिला प्रशासन को तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

एसआईआर के तहत मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जाएगा। इसमें नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नामों का विलोपन और पते में परिवर्तन जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। उत्तराखंड में बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक निवास करते हैं जिनका मूल निवास उत्तर प्रदेश, बिहार या अन्य राज्यों में है, लेकिन अभी तक उनकी समुचित मैपिंग नहीं हो पाई है।

वर्तमान में प्रदेश में मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर की जा रही है। ऐसे में यदि अन्य राज्यों की अंतिम प्रकाशित मतदाता सूचियां उपलब्ध होंगी तो डुप्लीकेट नामों की पहचान और आवश्यक संशोधन में तेजी आएगी। साथ ही हाल के वर्षों में यहां मतदाता बने लोगों के माता-पिता या दादा-दादी के नामों से भी प्रभावी मैपिंग संभव हो सकेगी।

एसआईआर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी मतदाता दो स्थानों पर पंजीकृत न रहे और उसका नाम वास्तविक निवास स्थान के अनुसार ही दर्ज हो। इससे निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य के चुनावों के लिए मतदाता सूची अधिक सटीक व त्रुटिरहित बन सकेगी।

उधर, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एसआईआर के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी रखें, ताकि प्रक्रिया को निर्धारित समय पर सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।

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