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गाय को बचाने के लिए शोर मचा रहे छात्र को बाघ ने बनाया निवाला

ऊधम सिंह नगर। जिले के जसपुर क्षेत्र में शनिवार दोपहर बाघिन के हमले में 15 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है।

सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

घटना भोगपुर क्षेत्र के ग्राम सुंदरनगर की है, जो जंगली जानवरों की आवाजाही के लिए जाना जाता है। यहां निवासी छिंदर सिंह का 15 वर्षीय पुत्र अमरीक सिंह उर्फ बब्बू, जो कक्षा सात का छात्र था, शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे निजी स्कूल से पढ़ाई कर घर लौटा। इसके बाद वह तीरथनगर मंदिर के पास बंधी अपनी गाय को चारा डालने गया।

इसी दौरान अचानक एक बाघिन ने उसकी गाय पर हमला कर दिया। गाय को बचाने के प्रयास में अमरीक ने शोर मचाया, तो बाघिन ने गाय को छोड़कर उसी पर हमला कर दिया और उसे घसीटते हुए जंगल की ओर ले गई।

बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर दौड़े। ग्रामीणों को आता देख बाघिन छात्र को छोड़कर जंगल की ओर भाग गई।

ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल अमरीक को घर पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसके सिर और बांह पर गहरे घाव थे। शव को देखते ही परिजन बेसुध हो गए। अमरीक अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था और उसके पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस के खिलाफ हंगामा किया और क्षेत्र में बाघ की बढ़ती गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी जंगली जानवरों की आवाजाही की सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

कोतवाल राजेंद्र सिंह डांगी ने बताया कि छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और बाघिन की निगरानी के निर्देश दिए हैं।

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