भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 65 वीं पुण्यतिथि पर 7 मार्च को श्रद्धांजलि दी जाएगी
रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला है
नैनीताल। स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 65वीं पुण्यतिथि 7 मार्च को नैनीताल स्थित पंत पार्क में श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी। इस अवसर पर क्षेत्र के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक पंत जी को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन करेंगे।
बताया गया है कि पंत पार्क में लोक निर्माण विभाग द्वारा सौंदर्यीकरण का कार्य प्रगति पर है।
इसी दौरान पंडित गोविंद बल्लभ पंत की मूर्ति को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है। नई व्यवस्था के बाद इसका उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किए जाने की संभावना है।
पंडित गोविंद बल्लभ पंत का निधन 7 मार्च 1961 को 73 वर्ष की आयु में हुआ था। वे हिंदी भाषा के प्रबल समर्थक और कुशल प्रशासक थे।
स्वतंत्रता आंदोलन में उन्होंने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पंत जी ने संयुक्त प्रांत के प्रधानमंत्री के रूप में 1937 से 1939 तक, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 1946 से 1954 तक तथा देश के चौथे केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में 1954 से 1961 तक राष्ट्र की सेवा की। उनके नेतृत्व, दूरदर्शिता और समर्पण ने लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की नींव को मजबूत किया।
स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अत्यंत उल्लेखनीय रहा।
उन्होंने प्रशासनिक सुधार, शिक्षा के विस्तार और जनकल्याणकारी नीतियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रसार और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए भी उनके प्रयास सदैव स्मरणीय रहेंगे।
इस अवसर पर आयोजकों ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे श्रद्धा और सम्मान के साथ पंत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करें तथा उनके आदर्शों और विचारों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से साझा करें, ताकि युवा पीढ़ी भी उनके जीवन से प्रेरणा ले सके।





