चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा स्थगित; उत्तराखंड की 111 सड़कें बंद, 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, अगले 48 घंटे भारी

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा राज्य के आठ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मंगलवार (29 जुलाई) को चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। भारी वर्षा के चलते प्रदेशभर में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे 111 सड़कें बंद हो गई हैं और कई नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।

यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा स्थगित

लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने तथा मार्ग सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

आठ जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में येलो अलर्ट

उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 जुलाई के लिए राज्य के आठ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 30 जुलाई को भी बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, टिहरी और नैनीताल में येलो अलर्ट जारी करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

कई इलाकों में रिकॉर्ड बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अनेक हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 233 मिमी बारिश देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा देहरादून शहर में 194.5 मिमी, जौलीग्रांट में 172.2 मिमी, मसूरी में 163 मिमी, ऊखीमठ में 120 मिमी, डीडीहाट में 102 मिमी, मोहकमपुर में 95.8 मिमी, धनोल्टी में 88 मिमी, हल्द्वानी और थल में 83-83 मिमी तथा चमोली में 80.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कई अन्य क्षेत्रों में भी 40 से 70 मिमी के बीच बारिश हुई, जिससे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।

भूस्खलन से 111 सड़कें बंद

भारी बारिश और पहाड़ों से लगातार मलबा तथा बोल्डर गिरने के कारण प्रदेश में 111 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। इनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग और छह राज्य मार्ग भी शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग के अनुसार उसके नियंत्रण क्षेत्र की 24 सड़कें बंद हैं, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कें भी प्रभावित हुई हैं।

जिलेवार बंद सड़कों की स्थिति इस प्रकार है—

अल्मोड़ा – 2

बागेश्वर – 8

चमोली – 12

पौड़ी – 6

पिथौरागढ़ – 16

रुद्रप्रयाग – 5

टिहरी – 17

उत्तरकाशी – 11

संबंधित विभाग युद्धस्तर पर जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मार्गों को खोलने में जुटे हुए हैं।

नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन सतर्क

लगातार वर्षा के कारण प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। रुद्रप्रयाग जिले में मंदाकिनी और अलकनंदा नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक जोखिम न लेने की अपील की है। फिलहाल किसी बड़े बाढ़ जैसे हालात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार बारिश के चलते खतरा बना हुआ है।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

राज्य सरकार, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा राहत एवं बचाव दलों को तैनात रखा गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे उत्तराखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इस दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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