उत्तराखंड हाईकोर्ट पर सरकार का बड़ा स्पष्टीकरण: गौलापार नहीं, बेल बाबा मंदिर के सामने लामाचौड़ में बनेगा नया परिसर
नई प्रेस रिलीज जारी कर न्याय विभाग ने दूर किया भ्रम, 40 हेक्टेयर वन भूमि पर विकसित होगा आधुनिक हाईकोर्ट कैंपस
हल्द्वानी। उत्तराखंड हाईकोर्ट के नए परिसर के स्थान को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही चर्चाओं और भ्रम के बीच राज्य सरकार ने आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट कर दी है।
न्याय विभाग की ओर से नई प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया गया है कि हाईकोर्ट का नया परिसर गौलापार में नहीं, बल्कि हल्द्वानी-रुद्रपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-05) पर बेल बाबा मंदिर के सामने स्थित तराई पूर्वी वन प्रभाग के लामाचौड़ (भाखड़ा रेंज) क्षेत्र में बनाया जाएगा।
न्याय विभाग के अनुसार, वर्ष 2023 में राज्य मंत्रिमंडल ने नैनीताल से उत्तराखंड हाईकोर्ट को स्थायी रूप से हल्द्वानी स्थानांतरित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। इस निर्णय के तहत प्रारंभिक चरण में हाईकोर्ट परिसर के लिए 26.08 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई थी। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अधिक भूमि की आवश्यकता महसूस की गई।
जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण और संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर तराई पूर्वी वन प्रभाग की कुल 73 हेक्टेयर वन भूमि में से 40 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट परिसर के लिए हस्तांतरित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण का निर्णय लिया है।
न्याय विभाग ने बताया कि हाल ही में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में गौलापार का उल्लेख होने से आमजन के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इसी भ्रम को दूर करने के लिए विभाग ने संशोधित प्रेस रिलीज जारी की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित हाईकोर्ट परिसर रामपुर रोड स्थित बेल बाबा मंदिर के सामने, लामाचौड़ (भाखड़ा रेंज) क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित परिसर को आधुनिक न्यायिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि भविष्य में न्यायिक कार्यों के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त स्थान और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य से संबंधित औपचारिकताएं आगे बढ़ाई जाएंगी।
नई प्रेस रिलीज के बाद हाईकोर्ट के प्रस्तावित स्थान को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लग गया है और अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नया हाईकोर्ट परिसर गौलापार नहीं, बल्कि लामाचौड़ क्षेत्र में स्थापित होगा।


