हल्द्वानी। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के भौतिकी विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ. डीएस भाकुनी का सोमवार को 83 वर्ष की आयु में हल्द्वानी में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से शिक्षा जगत और विश्वविद्यालय परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। डॉ. भाकुनी का अंतिम संस्कार रानीबाग में किया गया, जहां उनके पुत्रों गौरव भाकुनी, विनीत भाकुनी और सुमित भाकुनी ने उन्हें मुखाग्नि दी।
डॉ. डीएस भाकुनी लंबे समय तक कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के भौतिकी विभाग से जुड़े रहे और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को भौतिकी विषय की शिक्षा देने के साथ ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
डॉ. भाकुनी अपने पीछे पत्नी चंद्रकांता भाकुनी और तीन पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्र गौरव भाकुनी नैनीताल स्थित सीआरएसटी इंटर कॉलेज में भौतिकी के प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं।
डॉ. भाकुनी के निधन पर कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कूटा की ओर से प्रो. ललित तिवारी, प्रो. नीलू, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. युगल, डॉ. संतोष, डॉ. शिवांगी, डॉ. कुबेर, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. दीपिका गोस्वामी और डॉ. अशोक कुमार ने शोक संवेदना व्यक्त की।
इसके अलावा एलुमनी सेल की ओर से डॉ. बीएस कालाकोटी, डॉ. जीसी जोशी, डॉ. ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे, डॉ. रितेश साह और डॉ. मनोज बिष्ट ‘गुड्डू’ ने भी डॉ. भाकुनी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
सीआरएसटी कॉलेज परिवार की ओर से मनोज पांडे, डॉ. सोबन सिंह, रितेश साह, ललित जीना, राजेश लाल, शैलेन्द्र और जीडी लोहनी सहित अन्य शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने डॉ. डीएस भाकुनी को एक समर्पित शिक्षक और भौतिकी विषय के विद्वान के रूप में याद करते हुए कहा कि उनके निधन से उच्च शिक्षा जगत ने एक अनुभवी शिक्षक और मार्गदर्शक खो दिया है। उनके योगदान और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाएगा।



