हल्दूचौड़। नैनीताल जिले के हल्दूचौड़ क्षेत्र स्थित दुर्गापालपुर परमा गांव में सोमवार, 10 अगस्त को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए ग्रामीणों को फलदार पौधे निशुल्क वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें संरक्षित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा गया कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के कारण पर्यावरण पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर पौधारोपण कर प्रकृति के संरक्षण में योगदान देना चाहिए। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
इस अवसर पर ग्रामीणों को पॉलीथीन के बढ़ते उपयोग से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के साथ-साथ इससे जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में भी जानकारी दी गई। पॉलीथीन से मिट्टी, जल और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए लोगों से इसके उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण हितैषी विकल्प अपनाने का आह्वान किया गया।
ग्रामीणों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण के संदेश को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पौधों को लगाने और उनकी देखभाल करने के साथ ही प्रकृति को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में सहयोग करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान दुर्गापालपुर परमा गांव के ग्रामीणों के सहयोग और जागरूकता की सराहना करते हुए कहा गया कि गांव के लोगों ने बेहद शांतिपूर्ण एवं सकारात्मक तरीके से पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी बातों को समझा और प्रकृति संरक्षण में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक गोपाल जोशी, ग्राम प्रधान मनीषा मलवाल तथा उनके पति सुरेन्द्र मलवाल के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम के आयोजक एवं पर्यावरणविद डॉ. आशुतोष पन्त, पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी, ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यदि प्रत्येक परिवार अपने स्तर पर कुछ पौधे लगाए और उनकी देखभाल करे तो आने वाले समय में पर्यावरण को बेहतर बनाने में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।



