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प्रेम प्रसंग में पति की हत्या की साजिश: पत्नी ने रची खौफनाक साजिश, दो नाबालिगों से कराया हमला; पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलासा

टेंट कारोबारी संजीव कुमार की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा,पत्नी निशा ने  नाबालिग प्रेमी के साथ मिलकर रची थी साजिश

मृतक की पत्नी निशा को गिरफ्तार,दोनों नाबालिग आरोपी पुलिस हरासत में,आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस और खून से सने कपड़े बरामद

काशीपुर। काशीपुर के प्रतापपुर क्षेत्र में टेंट कारोबारी संजीव कुमार की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि संजीव की हत्या हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश थी। हत्या की साजिश उसकी पत्नी निशा ने अपने नाबालिग प्रेमी के साथ मिलकर रची थी। योजना को अंजाम देने के लिए प्रेमी ने अपने एक साथी को भी साजिश में शामिल किया। दोनों किशोरों ने संजीव को जन्मदिन की पार्टी के बहाने कार से रामनगर ले जाकर रास्ते में गोली मार दी।

पुलिस ने हत्याकांड के मामले में मृतक की पत्नी निशा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गोली चलाने वाले दोनों आरोपियों की उम्र नाबालिग होने की पुष्टि होने के बाद उन्हें भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। दोनों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

सड़क किनारे खेत में मिली थी कार, अंदर पड़ा था संजीव का शव

एसएसपी अजय गणपति ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 17 अगस्त की सुबह प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क किनारे धान के खेत में एक कार दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली थी। कार के अंदर एक युवक का शव पड़ा था। शरीर पर चोट के निशान होने के कारण शुरुआती तौर पर पुलिस को मामला सड़क हादसा लगा।

पंचायतनामा की कार्रवाई के दौरान मृतक के गले पर संदिग्ध चोट का निशान दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शव का चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संजीव की मौत गोली लगने से होने की पुष्टि हुई। मृतक की पहचान बाजावाला कुंडेश्वरी निवासी 24 वर्षीय संजीव कुमार पुत्र स्व. सोमल सिंह के रूप में हुई।

मृतक की पत्नी निशा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पत्नी ने खुद दर्ज कराया था हत्या का मुकदमा

पुलिस के मुताबिक घटना के बाद निशा ने खुद ही पति की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। उसने पुलिस के सामने ऐसा माहौल बनाया कि शुरुआत में उस पर संदेह नहीं हुआ। पुलिस ने पहले संजीव के अन्य संभावित प्रेम संबंधों, रुपयों के लेन-देन और दूसरे विवादों को जांच का आधार बनाया।

हालांकि, जांच आगे बढ़ने के साथ ही पुलिस को निशा के बयानों में कई विरोधाभास मिले। पुलिस ने उसके बयानों का मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों से मिलान किया। इस दौरान कई अहम तथ्य सामने आए, जिसके बाद जांच की दिशा बदल गई और पुलिस ने निशा तथा उसके संपर्क में रहने वाले लोगों पर फोकस किया।

टेंट हाउस में काम करने वाले किशोर से था पत्नी का प्रेम प्रसंग

जांच में सामने आया कि निशा का गांधी नगर, काशीपुर निवासी एक किशोर से प्रेम प्रसंग था। बताया गया कि किशोर संजीव के टेंट हाउस में काम करता था और इसी वजह से उसका संजीव के घर भी आना-जाना था।

पुलिस के अनुसार, निशा अपने पति के साथ होने वाले विवादों और घरेलू बातों की जानकारी किशोर को देती थी। धीरे-धीरे दोनों ने संजीव को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। इसके बाद किशोर ने अपने साथ काम करने वाले रामनगर निवासी एक अन्य साथी को भी साजिश में शामिल कर लिया।

जन्मदिन की पार्टी के बहाने संजीव को ले गए रामनगर

पुलिस जांच के अनुसार 16 अगस्त को एक किशोर का जन्मदिन था। इसी बहाने दोनों किशोर संजीव को पार्टी में शामिल होने के लिए राजी कर उसकी कार से रामनगर ले गए।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों की योजना रामनगर में ही संजीव की हत्या करने की थी, लेकिन वे उसे कार से बाहर निकालने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद दोनों किशोर संजीव के साथ प्रतापपुर की ओर बढ़े।

राजपुर रोड थारी के पास आरोपियों ने योजना को अंजाम देने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार निशा का नाबालिग प्रेमी संजीव पर गोली नहीं चला सका। इसके बाद उसके साथी ने तमंचे से संजीव पर गोली चला दी।

गोली लगते ही अनियंत्रित हुई कार, खेत में जा गिरी

गोली लगने के बाद संजीव की कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे धान के खेत में जा गिरी। आरोपी संजीव को कार में ही छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने फोन के जरिए निशा को घटना की जानकारी दी।

शुरुआत में घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच तेज कर दी।

सर्विलांस की मदद से दोनों किशोर पकड़े गए

हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मोबाइल सीडीआर, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों को खंगाला।

इसी दौरान पुलिस को दोनों किशोरों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। संयुक्त टीम ने दोनों को मालवा फार्म पुलिया क्षेत्र से पकड़ लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संजीव की हत्या में उनकी भूमिका सामने आई।

इसके बाद पुलिस ने निशा से भी पूछताछ की। उसके शुरुआती बयानों को तकनीकी साक्ष्यों से मिलाने पर विरोधाभास सामने आने लगे। जांच आगे बढ़ने पर हत्या की साजिश में उसकी भूमिका भी उजागर हो गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

शैक्षिक प्रमाण-पत्रों से हुई नाबालिग होने की पुष्टि

पुलिस ने दोनों किशोरों के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की जांच कराई। जांच में दोनों के नाबालिग होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में हत्या की पूरी साजिश, आरोपियों के बीच संपर्क और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बरामद तमंचे, कारतूस, खून से सने कपड़े और तकनीकी साक्ष्यों को भी विवेचना का हिस्सा बनाया गया है।

पुलिस की जांच में फिलहाल यह सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच विवादों की जानकारी निशा अपने नाबालिग प्रेमी को देती थी और इसके बाद दोनों ने संजीव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। जन्मदिन की पार्टी के बहाने संजीव को कार से ले जाना और रास्ते में गोली मारकर हत्या करना इसी साजिश का हिस्सा था।

हत्याकांड के खुलासे के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और आरोपियों के बीच संपर्क की भी जांच कर रही है।

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