ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

नैनीताल में ठंडी सड़क पर पहाड़ी के भूस्खलन की रोकथाम का काम शुरू
10 करोड़ 34 लाख से किया जाएगा ट्रीटमेंट

रिपोर्टर गुड्डू सिँह ठठोला

नैनीताल। ठंडी रोड क्षेत्र में पाषाण देवी मंदिर के समीप पहाड़ी पर हुए भूस्खलन की रोकथाम के लिए 10 करोड़ 34 लाख खर्च किए जाएँगे।सिंचाई विभाग ने आईआईटी रुड़की के सहयोग से सर्वे कार्य कर पहाड़ी की रोकथाम को लेकर डीपीआर तैयार करी थी।

जिसे शासन से स्वीकृति मिलने के बाद पहाड़ी की रोकथाम का कार्य शुरू कर दिया गया है।
प्रोजेक्ट के अनुसार पहाड़ी में नैनी झील से लगी सुरक्षा दीवार, ठंडी सड़क के ठीक ऊपर स्थित केपी हॉस्टल तक सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। बीते वर्ष 2022 में 24 जुलाई को ठंडी सड़क में पाषाण देवी मंदिर के समीप हल्का भूस्खलन हुआ था।

इस दौरान पहाड़ी से बोल्डर और मिट्टी ठंडी सड़क पर आ गिरी थी। मगर समय रहते भूस्खलन की रोकथाम नहीं की गई। नतीजतन 31 अगस्त को पहाड़ी पर भारी भूस्खलन हुआ। इस दौरान भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर झील में समा गए।

जिससे सड़क पर लोगों का आवागमन भी पूरी तरह बाधित हो गया था।
जिसके बाद जियो बैग में कंक्रीट भरकर दीवार बनाई गई।
पहाड़ी के ऊपर स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के केपी छात्रावास तक भूस्खलन पहुंचने पर खतरा बढ़ गया था।

सिंचाई विभाग को तत्काल पहाड़ी का उपचार के निर्देश दिए थे। मगर वर्षा होने के कारण तत्काल ट्रीटमेंट शुरू नहीं हो सका। सितंबर माह में लोनिवि ने पहाड़ी की रोकथाम को लेकर अस्थाई उपचार शुरू किए। जिसमें लोहे के एंगल भूमिगत कर जियो बैग में कंक्रीट भरकर दीवार बनाई गई।

मगर पहाड़ी पर भूस्खलन नहीं रुका।
अक्टूबर माह में अतिवृष्टि के दौरान पहाड़ी पर एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ। जिसमें पुराना अस्थाई कार्य भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद सिंचाई विभाग ने पहाड़ी के स्थाई ट्रीटमेंट को लेकर सर्वे कार्य कर करीब छह करोड़ का प्रस्ताव बनाया। 

अपर सचिव के निरीक्षण के बाद विभाग से भूस्खलन रोकने के साथ सौंदर्यीकरण करने के लिए भी कहा गया जिसके बाद सिंचाई विभाग ने 12 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया।

करीब 13 करोड़ डीपीआर शासन को सौंपी गई।जिसके बाद 10 करोड़ 34 लाख के बजट को स्वीकृति मिली। पहाड़ी की रोकथाम का कार्य शुरू कर दिया गया है।
सिंचाई विभाग सहायक अभियंता डीडी सती ने बताया कि करीब 10 करोड़ 34 लाख में पहाड़ी पर झील से लगी सुरक्षा दीवार से केपी छात्रावास तक सुरक्षा कार्य किए जाएँगे।
जिसमें झील से रिटेनिंग वॉल, वायर क्रेट्स और माइक्रो पाइलिंग किया जाना है।अभी रिटेनिंग वॉल का काम शुरू कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें :  अल्मोड़ा में प्रेस क्लब अध्यक्ष जगदीश जोशी को डीएम अंशुल सिंह ने दिलाई शपथ
error: Content is protected !!