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आवारा जानवर पहाड़ों में गांव वालों के लिए बने सर दर्द

आवारा जानवरों को बिनसर में छोड़ने पर दो गांव की महिलाओं में जमकर हुई मारपीट।

अल्मोड़ा। भतरौंजखान क्षेत्र के आवारा जानवरों को बिनसर छोड़ने पर दो गांवों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं। देखते ही देखते दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। मारपीट में एक गांव की तीन महिलाएं घायल हो गईं।

क्षेत्र में लंबे समय से आवारा मवेशी परेशानी का सबब बने हुए हैं। भतरौंजखान क्षेत्र की 25 से अधिक महिलाएं 50 से अधिक लावारिस जानवरों को लेकर छह किमी दूर रीची गांव तक पहुंची।

रीची की महिलाओं ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने बताया कि वे इन मवेशियों को दनपौ गांव से सौनी बिनसर के जंगल में छोड़ने जा रही हैं ताकि ये फसल बर्बाद न करें। अपने गांव के नजदीकी क्षेत्र में लावारिस जानवरों को छोड़ने की बात सुन रीची की महिलाएं गुस्सा उठीं।

इस पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी।
लावारिस जानवरों को क्षेत्र में छोड़ने की सूचना मिलते ही सौनी, देवलीखेत और डाभर की महिलाएं भी रीची पहुंच गई और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई।

स्थानीय लोगों के किसी तरह बीचबचाव के बाद दोनों पक्षों की महिलाएं आवारा जानवरों को लेकर 15 किमी दूर भतरौंजखान थाने पहुंच गईं। यहां भी गहमागहमी का माहौल रहा।

किसी तरह पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत किया। थाने में महिलाओं के बीच विवाद होता रहा और लावारिस जानवर जंगल की तरफ चल दिए।

इस बारे में भतरौंजखान के थानाध्यक्ष मदनमोहन जोशी ने बताया कि सोनी, देवलीखेत, रींची क्षेत्र की महिलाएं आवारा मवेशियों को लेकर थाने पहुंच गईं।

उनका आरोप था कि भतरौंजखान क्षेत्र की महिलाएं लावारिस मवेशियों को बिनसर जंगल में छोड़ने आई थीं, इसका रीची में विरोध हुआ। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया गया।

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