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मानसूनी बारिश में आसमान से जमकर आफत बरस रही है। बारिश की वजह से नेशनल हाईवे समेत सड़कों के बंद होने का सिलसिला भी जारी हो गया है। बरसात के बाद भूस्खलन से बुधवार सुबह बदरीनाथ हाईवे पीपलकोटी में बाधित हो गया है।

जबकि, गंगोत्री हाईवे पर भी करीब दो घंटे तक मंगलवार को ट्रैफिक बाधित रहा था। हाईवे बंद होने की वजह से यूपी, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश आदि राज्यों से चारधाम पर जाने वाले भक्तजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

तीर्थ यात्री सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। उत्तराखंड में मॉनसून की पहली ही बारिश में 93 सड़कें बंद हो गई। इसमें चार राज्य मार्ग जबकि छह मुख्य सड़कें शामिल हैं। बंद सड़कों को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से 150 जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं।

उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों में सोमवार देर रात से ही बारिश शुरू हो गई। जिसके बाद सड़कों के बंद होने का भी सिलसिला शुरू हो गया है। लोनिवि के अधिकारियों ने बताया कि राज्य भर में सोमवार को 39 जबकि मंगलवार को 54 सड़कें बंद हो गई है। उन्होंने बताया कि कुल 93 सड़कें बंद हैं।

बंद सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। इधर सड़कों के बंद होने से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि लोनिवि के एचओडी डीके यादव ने बताया कि बंद सड़कों को जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रमुख बंद सड़कें
गुप्तकाशी, कालीमठ, कोटमा, जाल, चौमासी मार्ग, कालसी, चकराता मार्ग,थल मुनस्यारी मार्ग, नंदप्रयाग, घाट कनोल मार्ग, घाट, रामणी मार्ग, मोलधार सेरकी, सिल्ला मार्ग

गंगोत्री हाईवे मलबा आने से पौने दो घंटे रहा बंद
भारी बारिश के चलते ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नरेंद्रनगर और चंबा के बीच सिलमन में मंगलवार को करीब पौने दो घंटे बंद रहा। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। मॉनसून की बारिश शुरू होते ही मार्गों पर मलबा आना शुरू हो गया है।

मंगलवार दोपहर बाद करीब तीन बजे ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग भारी बारिश के चलते आए मलबे के कारण सिलमन के पास बंद हो गया। आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि दोपहर में भारी बारिश के कारण आये मलबे के चलते राजमार्ग बंद रहा।

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