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नैनीताल में पाषाण देवी मंदिर (ठंडी सड़क) के जंगली लेपर्ड केट से बच्चे खेलते हुए दिखे, लोग समझ रहे गुलदार के बच्चे

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला 

 नैनीताल।  नैनीझील से लगे उडियार में तीन लैपर्ड कैट के बच्चों का वीडियो सामने आने से वन्यजीव प्रेमी उत्साहित हैं।

तीनों बच्चे स्वस्थ और प्राकृतिक वास में अपनी माँ के साथ बताए जा रहे हैं।

         नैनीताल वन प्रभाग को आज सवेरे लगभग आठ बजे ठंडी सड़क में किसी राहगीर ने गुलदार के बच्चे दिखने की सूचना दी। सूचना के बाद वन विभाग की तरफ से स्नेक कैचर निमिष दानु घटनास्थल पहुंचे।

उन्होंने बताया कि बच्चे गुलदार के न होकर लैपर्ड कैट के हैं जो विलुप्तप्राय यानी शिड्यूल 1 श्रेणी में आते हैं। इनका महत्व इस श्रेणी में आने वाले बाघ और गुलदार जैसा ही है।

बताया गया कि ठंडी सड़क में दिखे इन शावकों को झील और सड़क के बीच बसे जंगल में खेलते देखा गया, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।

गुलदार की तरह काले धब्बे वाले इस सुंदर वन्यजीव को एक नजर में देखने पर गुलदार जैसा ही प्रतीत होता है। ये भी बताया गया कि इन शावकों को झील की तरफ से कुछ लोगों ने देखा और इसकी जानकारी आग की तरह फैल गई।

निमिष ने बताया कि शावक झील के पानी से लगभग सात फीट ऊपर थे। इन्हें सवेरे 8:30 बजे जब देखा गया तब इनकी माँ भी इनके साथ थी।

ये शावक दो से तीन माह के होने का अनुमान है। नगर पालिका रेंज के आर.ओ.प्रमोद तिवारी का कहना है कि इन शावकों को इनके प्राकृतिक वास स्थल में रखने को कह दिया गया है।

लैपर्ड कैट ठंडी सड़क और अयारपाटा क्षेत्र में पाई जाती है। उन्होंने राहगीरों से कहा है कि वो इन सुंदर वन्यजीवों को तंग करे बगैर देखकर आनद लें और इन्हें इनके वासस्थल में रहने दें।

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