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कोलकाता में महिला चिकित्सक के बलात्कर व निर्मम हत्या के विरोध में 24 घंटे का कार्य बहिष्कार।

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत

रानीखेत। स्व. गोविन्द सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय रानीखेत मे सभी चिकित्सको ने कोलकाता में महिला चिकित्सक के साथ बलात्कर व निर्मम हत्या के विरोध में 24 घंटे का कार्य बहिष्कार किया।

वही आपातकालीन सेवा मे तैनात डॉंक्टर सुभम सोटियाल द्वारा ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीजो का ईलाज किया गया।

बता दे कि कोलकाता में आर०जी० कार मेडिकल कॉलेज की एक महिला रेजिडेण्ट चिकित्सक की कॉलेज के अन्दर ही सेमिनार रूम में सामूहिक बलात्कार के बाद निर्मम हत्या कर दी गयी।

यही नहीं इस नृशंस वारदात के विरोध में और अपनी साथी चिकित्सक को न्याय दिलवाने के लिए शांतिपूर्ण आन्दोलन कर रहे चिकित्सकों पर चिकित्सालय के अन्दर ही भारी भीड द्वारा हमला कर दिया गया व पूरे चिकित्सालय में तोड़ फोड भी की गयी।

इस निर्मम हत्या और तोडफोड के मामले मे अभी तक कोलकाता पुलिस तथा पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार द्वारा कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। कोलकाता जो कि पश्चिम बंगाल की राजधानी भी है, वहां ऐसी अराजकता और भारी भीड़ का जमा होना और तोडफोड़ करना राज्य सरकार की विफलता को दर्शाता है।

इस घटना को देखते हुए आई०एम०ए० द्वारा पूरे देश में तथा प्रान्तीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखण्ड द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में शनिवार सुबह 6:00 बजे से रविवार सुबह 6:00 बजे तक 24 घंटो के कार्य बहिष्कार पर रहेगें। जिसके क्रम में प्रान्तीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ रानीखेत जनपद अल्मोड़ा के सभी सदस्य चिकित्सको ने कार्य बहिष्कार किया।

इस दौरान आपातकालीन सेवायें/पोस्टमार्टन तथा वी०आई०पी० ड्यूटी चलती रहेगी। ओ०पी०डी० तथा इलैक्टिव सर्जरी नहीं की जायेगी। जिसके बाद सभी संगठनो के साथ मिलाकर चिकित्सको, नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल स्टाफ, कालेज के छात्र-छात्राओ सहित क्षेत्रीय जनता ने रानीखेत शहर मे शान्तिपूर्ण जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज किया।

प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ अध्यक्ष डाँक्टर अशोक टम्टा बताया कि कोलकाता में एक महिला डॉक्टर के साथ गैंग रैप और हत्या के दिल दहला देने वाले मामले में हम रानीखेत प्रांतीय चिकित्सा सेवक संघ की ओर से धरने पर बैठकर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए हमें पता चला की करीब 4000 लोगो ने हुडदंग मचाकर अस्पताल में तोड़फोड़ की, गर्ल्स हॉस्टल में घुसे, और सामने आने वाले हर व्यक्ति को हानि पहुंचाई।

जो कैंडल मार्च शांति पूर्वक किया जा रहा था, उसके विरोध में भी पत्थर बरसाए गए। क्या महिला क्या पुरुष, सभी पर हमले किए गए। इतनी बड़ी दुर्घटना के जवाब में जांच, कड़ी कार्रवाही, फांसी जैसे इंसाफ होने के बजाय उल्टा डॉक्टरों और छात्र छात्राओं से मारपीट की गई है।

आईएमए रानीखेत और रानीखेत प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ इस बात की पूर्ण रूप से निंदा करते हैं। केंद्रीय कार्यकारिणी के निर्देशानुसार 24 घंटे का कार्य बहिष्कार निश्चित किया गया है। इस बीच केवल इमरजेंसी देंगे, पोस्टमार्टम और वीआईपी ड्यूटी की सेवाएं जारी रहेंगी। इसके बाद अगर किसी अन्य कार्रवाही का आदेश मिलता है, या फिर इसी धरने को जारी रखने के निर्देश मिलते हैं, उस पर अमल किया जाएगा।

हमारी मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाही हो और न्याय के लिए उन्हें फांसी हो। चिकित्सा स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जो भी नियम बनाए गए हैं, उनका सख्ती से पालन हो। महिला कर्मचारी ही नहीं, बल्कि पुरुष कर्मचारी भी अपने आप को स्थानीय झड़प और दंगों से असुरक्षित महसूस करते है। सभी स्वास्थ्य कर्मी एक डर के माहौल में काम कर रहे है।

इस अवसर पर छात्र संघ अध्यक्ष प्रभात रावत, अंकिता पंत, डाँक्टर नवीन बिष्ट, डाँक्टर अमरजीत सिंह, डॉक्टर नब्याल, डाँक्टर रजनीकांत सिन्हा, डाँक्टर रमनदीप कौर, डॉंक्टर सुभम सोटियाल, डाँक्टर डी.एस. नेगी, डाँक्टर केएस बंगारी, डॉक्टर एन के पाण्डेय, डॉक्टर एस एन श्रीवास्तव सहित सभी नर्सिंग स्टाफ व क्षेत्रीय जनता उपस्थित रहे।

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