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विधानसभा गैरसैंण के मानसून सत्र में शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का पहला 5013.05 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित हो गया। तीन दिवसीय मानसून सत्र में सात महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया गया है, जबकि दो विधेयकों को प्रवर समिति को सौंपने का निर्णय लिया गया।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि अनुपूरक बजट का आकार करीब 5013.05 करोड़ रुपए का है। इसमें 3756.89 करोड़ राजस्व पक्ष और करीब 1256.16 करोड़ पूंजीगत पक्ष में है।

केन्द्र पोषित योजनाओं के तहत 1531.65 करोड़ तथा बाह्य सहायतित योजनाओं में 273.17 करोड़ का प्राविधान अनुपूरक बजट के जरिए किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि तीन दिवसीय मानसून सत्र में सात विभिन्न विधेयक पारित हुए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अनुपूरक बजट में उत्तराखंड के गरीब, युवा, मातृशक्ति और अन्नदाता की चिंता की गई है। सरकार ने केंद्र की योजनाओं को अधिक से अधिक लेने का प्रयास किया है, ताकि ब्याज कम देना पड़े।

सदन में जाने से पहले मुख्यमंत्री धामी मीडिया से मुखातिब हुए और कहा कि हमारा जो सामान्य बजट था वो ठीक से तरह से धरातल पर उतरे, उसके लिए अनुपूरक में 5013.05 करोड़ का अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है।

अनुपूरक में कई वर्गों को प्राथमिकता दी गई है, और निश्चित ही भविष्य में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन योजनाओं को अधिक से अधिक लेने का प्रयास किया है जिनमें ब्याज की देनदारी कम है। इसीलिए नाबार्ड आदि योजनाओं को वरीयता दी गई है।

कहा कि हमारी जो परिसंपत्तियां हैं, वो ठीक प्रकार से सुरक्षित रहे। गैरसैंण के विकास को लेकर पूछे जाने पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि निश्चित रूप से आगे चलकर यहां बड़े स्तर पर विकास कार्य होंगे। ।

गैरसैंण में हमारे पास बड़ा विधानसभा भवन है और ग्रीष्मकालीन राजधानी है लिहाजा उसी के अनुरूप विकास किए जा रहे हैं।

इसके लिए गैरसैंण विकास परिषद में भी धनराशि का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण के विकास में स्थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। यहां पत्रकारों के लिए भवन निर्माण पर तत्काल काम शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।

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