ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

नगर पालिका परिषद रानीखेत चिलियानौला क्षेत्रान्तर्गत पेयजल समस्या के समाधान हेतु सयुंक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत की अध्यक्षता में नगर पालिका सभागार में हुई बैठक।

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत

रानीखेत। नगर पालिका परिषद रानीखेत चिलियानौला के सभागार मे सयुंक्त मजिस्ट्रेट/प्रशासक की अध्यक्षता मे क्षेत्र मे पेयजल समस्या को लेकर क्षेत्रीय जनता के साथ एक खुली बैठक आयोजित की गई।

जिसमे क्षेत्र मे पेयजल की समस्या को लेकर चर्चा की गई। जिसमे जल निगम, जल संस्थान के अधिकरी एवं नागरिक मौजूद रहे। बैठक मे पेयजल योजनाओं के कार्य प्रगति पर चर्चा हुईं। जिसके बाद सयुंक्त मजिस्ट्रेट/प्रशासक द्वारा बन रहे नलकूप का निरक्षण किया गया।

सयुंक्त मजिस्ट्रेट/प्रशासक राहुल आनंद ने बताया कि काफी समय से पिछली खुली बैठक हुई थी। उसमें से ये निकल के आया था कि सबसे मुख्य समस्या जल की है।

तो इसी सम्बंध में मीटिंग की गई जैसी काफी सारी चीजें मुझे भी पता चली कि जो नगर पालिका के लिए जो योजना बनाई गई थी ये 2012 में बनाई गई थी और तब से कोई नई योजना आई नहीं है। यहा पर आबादी काफी बढ़ गई है।

मानक भी 40 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से बनाई गई थी, जो कि आज के वर्तमान में 135 लीटर प्रति व्यक्ति पहुंच गई है। जिस कारण से यहा पर आपूर्ति नही हो पा रही है। जो यहा की डिमांड हैं वह लगभग 10 लाख लीटर के आस पास है।

उसके सापेक्ष केवल 1 लाख 35000 के आस पास लीटर पानी की सप्लाई हो रही है। वही जल संस्थान एक ट्यूबवेल लगा रहा है। जल निगम के द्वारा भी एक आइवेल बन रही है। इन दोनो के बनने से लगभग 70 से 75 हज़ार लीटर पानी नगरपालिका को मिलेगा।

उन्होने कहा कि इसकी पूर्ण समस्या का हल तभी होगा जब एक नई योजना आएगी। रानीखेत शहर के लिए एक योजना बन रही है। जो कि शासन स्तर पर उसकी डीपीआर अभी लंबित है। उसके बनने के बाद पानी की सारी समस्याएं पूरी तरह से हल हो जाएगी।

इस अवसर पर मुख्य अधिशासी अधिकारी दीपा परिहार, पूर्व अध्यक्ष कल्पना देवी, पूर्व सभासद कमला देवी, प्रकाश सिह कुवार्बी, दीपक कुमार, चन्दन सिंह रावत, मोहन नेगी, के. डी. शर्मा, रणजीत सिंह बिष्ट, नन्द राम आर्या, ललित सिंह मेहरा, विनोद कुमार, कमलेश बोरा, जल निगम व जल संस्थान के अधिकारीगण सहित क्षेत्रीय जनता उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी : गौलापार टंचिंग ग्राउंड पर बढ़ा कचरे का बोझ, 5 करोड़ से ज्यादा का बकाया, नहीं चुकाने पर नगर निगम ने अन्य निकायों से मांगी रकम

You missed

error: Content is protected !!