पहाड़ों मे बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाएं किसी से छुपी नही है। एक तो ग्रामीणों को कई कई किलोमीटर दूर से मरीज को डोली में  सड़क तक लाना पड़ता है।

उसके बावजूद भीमताल व ओखल कांडा में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने से मरीज को हल्द्वानी लाने को मजबूर ग्रामीण।

अखिर कौन करेगा ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान।

भीमताल। धारी के बबियाड तोक बिरसिंग्या गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ सड़क नहीं होने के चलते मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

 सरकार और विभाग ग्रामीणों की समस्या को हल नहीं कर पा रहे हैं। धारी तहसील की ग्राम पंचायत बिरसिंग्या पर में सोमवार को बीमार मधुली देवी (65 वर्ष) को ग्रामीण पांच किमी तक पैदल डोली के सहारे गांव के मुख्य सड़क तक लाए। नजदीक में चिकित्सालय नहीं होने के कारण मरीज को हल्द्वानी लाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है आखिर कब पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा।

जहां से महिला को निजी वाहन से नब्बे किमी दूर हल्द्वानी लाया गया। युवा समाजसेवी दीपक सिंह मेवाड़ी सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण की मांग करने के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है।

दीपक मेवाड़ी ने आरोप लगाया कि सड़क व अस्पताल नहीं होने से पांच किमी पैदल चलकर मुख्य सड़क तक आना पड़ रहा है। और गांव में सड़क नहीं होने से युवा गांव से पलायन करने को मजबूर हैं।

महिला को सड़क तक लाने वालों में विद्यासागर,अनिल कुमार, दयाल, सुभाष चंद्र,शिवराज, खिमानन्द, देवेश ,ललित टम्टा, प्रकाश चंद्र शामिल रहे।

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