हरिद्वार। जिला अस्पताल हरिद्वार में संविदा पर तैनात डाक्टर गोपाल गुप्ता की हत्या लूटपाट के लिए की गई थी।
डाक्टर ने बुलेट का तेल खत्म होने पर तीन अनजान लोगों से मदद मांगी तो उन्होंने शराब पिलाकर दोस्ती की और लूटपाट कर दी।
इसका विरोध करने पर उन्होंने मफलर से गला घोंटकर डाक्टर की जान ले ली।
पुलिस ने तीनों बदमाशों को मंगलवार देर रात मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। दो बदमाश देवबंद सहारनपुर के रहने वाले हैं। जवाबी फायरिंग में दोनों घायल हुए हैं।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि डा. गोपाल गुप्ता का शव 31 जनवरी को बहादराबाद क्षेत्र में मिला था।
प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या की बात सामने आाई थी। इसका पर्दाफाश करने के लिए पुलिस टीम गठित की गई थी।
सीसीटीवी खंगालने और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस के हाथ हत्यारोपियों के सुराग लगे थे। मंगलवार देर रात पता चला कि तीनों बदमाश शहर की ओर आ रहे हैं।
ऐसे में बहादराबाद थानाध्यक्ष नरेश राठौड़ ने शांतरशाह चौकी प्रभारी खेमेंद्र गंगवार व कस्बा चौकी प्रभारी यशवीर नेगी के साथ मिलकर हाइवे के पास बाइक सवार बदमाशों की घेराबंदी कर दी।
पुलिस को देखकर बाइक सवार खेतों की तरफ भागने और पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी। दोनों घायल होकर गिर पड़े।
दोनों की पहचान ग्राम तेलवी मोरी, थाना देवबंद, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी मुदस्सिर और हनीफ उर्फ समीर के रूप में हुई।
इस बीच पुलिस ने तीसरे बदमाश मुकर्रबपुर, कलियर हरिद्वार निवासी अशरफ को भी दबोच लिया।
उनके कब्जे से डा. गोपाल गुप्ता की बुलेट, घड़ी और जूतों के अलावा दो तमंचे व कारतूस बरामद हुए।
तीनों ने स्वीकार किया कि शराब के ठेके पर मुलाकात के दौरान तीनों ने डा. गोपाल गुप्ता से दोस्ती कर शराब पिलाई और लूटपाट करने लगे।
विरोध करने पर डाक्टर की हत्या कर दी। हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने पर आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने 15 हजार व एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने पुलिस टीम को पांच हजार का इनाम दिया है।
ई-रिक्शा में बैठाकर ले गए सुनसान इलाके में
एसपी सिटी पंकज गैरोला ने बताया कि 31 जनवरी की रात डा. गोपाल गुप्ता अपनी बुलेट से कहीं जा रहे थे, लेकिन तेल खत्म होने के कारण वह सड़क किनारे रुक गए और वाहन चालकों को रोककर तेल का इंतजाम करने लगे। तभी ई-रिक्शा में आए मुदस्सिर, हनीफ और अशरफ वहां रुक गए।
तीनों ने मदद के बहाने उनसे दोस्ती की और शराब आफर की। इसके बाद तेल लाने के बहाने उन्हें अपने ई-रिक्शा में बैठाकर बहादराबाद नहर पटरी के सुनसान इलाके में ले गए।
वहां बदमाशों ने गोपाल गुप्ता से उनकी घड़ी, पर्स और 7500 छीनने की कोशिश की। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो मफलर से गला घोंटकर हत्या कर दी।
शव को नहर पटरी के किनारे फेंक दिया। इसके बाद वे डाक्टर की बुलेट, घड़ी और 75 हजार लेकर फरार हो गए।
अजनबियों को बनाते थे शिकार
थानाध्यक्ष नरेश राठौड़ ने बताया कि तीनों पेशेवर बदमाश हैं। मुदस्सिर लूट के मामले में देवबंद में जेल जा चुका है।
तीनों अक्सर शराब ठेकों के आसपास अजनबियों को फंसाते हैं, उनसे दोस्ती गांठते हैं। शराब पिलाने के बाद उन्हें लूटकर फरार हो जाते हैं।
इस बार जब डाक्टर ने लूट का विरोध किया तो उसकी हत्या कर दी।














