हल्द्वानी। हिमालय स्वराज सेवा ट्रस्ट द्वारा धूनी नं. 1, कटघरिया में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर शिव–पार्वती विवाह का दिव्य प्रसंग बड़े भाव और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ।
कथा व्यास पं. पंकज जोशी जी ने श्रद्धालुओं को राजा दक्ष प्रजापति के यज्ञ, सती जी के आत्मदाह, और पार्वती जी के तप और पुनर्जन्म से लेकर शिव–पार्वती विवाह तक की विस्तृत कथा का श्रवण कराया। कथा के दौरान भक्तिमय वातावरण में हर हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे।
शिव–पार्वती विवाह का दृश्य अद्वितीय रहा:
स्थानीय भक्तों द्वारा शिव–पार्वती विवाह की भव्य झांकी सजाई गई, जिसमें शिव बारात का स्वागत परंपरागत वाद्य यंत्रों, फूलों की वर्षा और मंत्रोच्चार के साथ हुआ। विवाह मंडप में शिव व पार्वती की जीवंत झांकी देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। बारात में गणेश, नंदी, भूतगण, ऋषि–मुनि, देवी–देवताओं की झांकियां विशेष आकर्षण रहीं।
दिन की शुरुआत प्रातः सर्वदेव पूजन से हुई।
पूजन कार्य पं. हेम सत्यबली, मयंक उपाध्याय एवं रूपेश जोशी द्वारा विधिपूर्वक सम्पन्न कराए गए।
श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति में शिव महिमा का दिव्य श्रवण और झांकी दर्शन हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण शिवमय और आनंदित हो उठा।
