उत्तराखंड के पंचायत चुनाव में मतगणना अधिकारियों की लापरवाही से कई कई प्रत्याशी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कहीं पहले जीते प्रत्याशी को हारा घोषित कर दिया तो कहीं जीते प्रत्याशी के वोट कैंसिल कर हारने के मामले सामने आये हैं। जिससे आम जनता का निर्वाचन प्रणाली से भरोसा उठ रहा है।
कई जगह मतगणना में लगे कर्मचारी पर गंभीर आरोप भी लगे हैं जिन्होंने अपने रिश्तेदारों व परिचितों को जीत दिलाने में मदद की
ऐसे ही एक ताजा ममला उत्तराखंड के चंपावत जिले से आया है जहां मतगणना अधिकारीकी लापरवाही से हारे हुए उम्मीदवार को जीता हुआ घोषित कर दिया
चंपावत के तरकुली ग्राम पंचायत में हाल में संपन्न चुनाव में एक अनोखी घटना हुई। तरकुली ग्राम पंचायत की मतगणना में ग्राम प्रधान पद के चुनाव में कम वोट हासिल करने वाली काजल बिष्ट को जीत का प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया।
हालांकि प्रमाणपत्र जारी होने से खुद हैरान हुई काजल बिष्ट ने ईमानदारी दिखाते हुए अधिकारियों से सही हकदार को विजेता घोषित करने की गुजारिश की।
काजल बिष्ट ने प्रतिद्वंद्वी सुमित कुमार को प्रमाणपत्र जारी करने का अनुरोध किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत के तरकुली ग्राम पंचायत के चुनाव में काजल बिष्ट 3 मतों से हार गई थीं। मतगणना में उन्हें 103 जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी सुमित कुमार को 106 वोट मिले थे।
काजल बिष्ट ने कहा- मैंने निर्वाचन अधिकारी से कहा कि मैं चुनाव जीती नहीं हूं वरन हार गई हूं। मेरे प्रतिद्वंद्वी को मुझसे तीन वोट अधिक मिले थे।
इसलिए जीत के सही हकदार को ही प्रमाणपत्र दिया जाए। काजल बिष्ट ने बताया कि निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर मामला नहीं सुलझने के बाद उन्होंने उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य की अदालत में मामला दायर किया।
उपजिलाधिकारी ने उनकी आपत्ति स्वीकार करते हुए निर्वाचन अधिकारी को 30 दिन के भीतर पुन: मतगणना कराए जाने का आदेश दिया है। वहीं अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अब जल्द ही पुनर्मतगणना की तिथि जारी होने की संभावना है।
बता दें कि उत्तराखंड में हुए पंचायत चुनावों में ज्यादातर पदों के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस ने दोनों ने शुक्रवार को अपनी-अपनी जीत के दावे किए थे।
उत्तराखंड निर्वाचन आयोग की ओर से 24 और 28 जुलाई को दो चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए गए थे। इसके लिए मतगणना गुरुवार को शुरू हुई थी।














