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उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को आई भीषण त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. दोपहर को अचानक पहाड़ से आए मलबे और पानी ने तबाही मचा दी, जिससे कई घर, दुकानें और बाजार तबाह हो गए।

इस घटना में अब तक 6 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं. हालात की गंभीरता को देखते हुए मौके पर सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने देहरादून स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से राहत कार्यों की समीक्षा की. आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए सेना के MI-17 और चिनूक हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मौके पर मौजूद हैं और पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत अभियानों के तहत अब तक 274 लोगों को सुरक्षित रूप से हर्षिल लाया जा चुका है. इनमें गुजरात से 131, महाराष्ट्र से 123, मध्य प्रदेश से 21, उत्तर प्रदेश से 12, राजस्थान से 6, दिल्ली से 7, असम से 5, कर्नाटक से 5, तेलंगाना से 3 और पंजाब से 1 तीर्थयात्री शामिल हैं. हर्षिल में इन सभी को सुरक्षित रखा गया है और उन्हें उत्तरकाशी व देहरादून भेजने की प्रक्रिया जारी है।

100 लोगों को उत्तरकाशी भेजा गया

इसके अतिरिक्त, आज कुल 135 लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर हर्षिल से सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया गया है. इनमें से 100 लोगों को उत्तरकाशी और 35 लोगों को देहरादून भेजा गया है।

राज्य सरकार, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, ITBP, NDRF और अन्य एजेंसियां एकजुट होकर इस कठिन समय में राहत कार्यों को अंजाम दे रही हैं. मुख्यमंत्री धामी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और प्रभावितों को हर संभव सहायता देने के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर रहे हैं।

यह त्रासदी राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन प्रशासन की तत्परता और बचाव एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से अब तक कई लोगों की जान बचाई जा चुकी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है और लापता लोगों की तलाश पूरे जोर-शोर से की जा रही है।

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