बहु चर्चित योगा ट्रेनर ज्योति मेऱ हत्याकांड में परिजनो ने आईजी कुमाऊं से एसआईटी जांच की मांग और कुमाऊं आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा
हल्द्वानी। बहु चर्चित ज्योति मेरे हत्याकांड को लेकर परिजन कुमाऊं पुलिस महानिदेशक ऋद्धिम अग्रवाल से मिलकर इस पूरे प्रकरण की एसआईटी गठित कर जांच की मांग की परिजनों का कहना है पुलिस द्वारा किया गया।
खुलासे से असंतुष्ट है उसमें कई तथ्य छुपा कर समाज के सामने ज्योति मेर के चरित्र पर सवाल उठाकर हत्याकांड का पटाक्षप करने की कोशिश की है, जबकि इस हत्याकांड से जुड़े कई लोगों से कोई पूछताछ नहीं की यह हत्या एक साजिस नजर आती है।
इस साजिश में अजय यदुवंशी, अभय यदुवंशी,शालिनी यदुवंशी और एक अन्य गुरमीत के होने की आशंका जताई उन्होंने आरोप लगाया की आखिर 22 दिन तक मुख्य अपराधी को किसने शरण दी उसका भी पुलिस ने कोई खुलासा नहीं किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर्फ एक तथ्य को लेकर खुलासा किया और अभय यदुवंशी और अजय यदुवंशी की आपस की लड़ाई में ज्योति मेऱ का हत्या करने की बात कही प्रबुद्ध समाज के गले नहीं उतर रही.
उसके बाद कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी को ज्ञापन दिया और एसआईटी जांच की मांग की गई परिजनों ने कहा यदि इस मुद्दे पर जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं होती है तो परिजन पुनः आंदोलन करने के लिए सड़को में आने के लिए बाध्य होंगे.
इस दौरान पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा ज्योति मेऱ के परिजनों की पूरी मदद के लिए हमारा संगठन खड़ा है शासन प्रशासन और कोर्ट तक हम खड़े रहेंगे और समाज से भी अपील है इस दुख की घड़ी में परिजनों का साथ दे पुलिस के द्वारा की गई कार्रवाई पर समाज के हर प्रबुद्ध जनो को शंका हो रही है इसकी जांच करनी अति आवश्यक है जिससे दूध का दूध पानी का पानी होगा और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।
दीपा मेर, हरीश रावत,कविता जीना,कंचन रौतेला बबीता जोशी फौजी भुवन पांडे, विनोद शाही, भगवत सिंह राणा,आनंद सिंह मेर, पूरन सिंह मेर,राजेंद्र कांडपाल, नारायण सिंह बरगली,पवन ज्याला, गोकुल मेहरा,आरपी सिंह हेमंत मेऱ, विनोद नेगी आदि परिजन और पहाड़ी आर्मी के कार्यकर्ता मौजूद रहें।





