भारत में डिजिटल इंडिया के सपनों को पलीता लगाते साइबर अपराधी, उत्तराखंड में भी साइबर अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी, सीधे-साधे लोगों को निशाना बना रहे हैं साइबर अपराधी।
आखिर कैसी लगेगी साइबर अपराध पर लगाम, डिजिटल पेमेंट बन रही है लोगों के लिए मुसीबत, नेट बैंकिंग तक तो सपना सही था डिजिटल इंडिया का। वर्तमान में यूपीआई लेनदेन बना असुरक्षित डिजिटल पेमेंट का जरिया।
यूपीआई से गलत लेनदेन को नहीं पा सकते वापस, फ्रॉड को रोकने में सरकार हुई नकाम लोग हुए परेशान, क्या सरकार लगा पाएगी साइबर अपराध पर लगाम?
हल्द्वानी। लालच और जालसाजी का खेल लोगों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। हल्द्वानी में ठगों ने एक महिला समेत चार लोगों के बैंक खातों से 7.11 लाख रुपये पार कर लिए। किसी को नौकरी तो किसी को पैसे दोगुने करने का लालच दिया गया।
एक युवक से एटीएम कार्ड के चार अंक पूछने के बाद ठगी हुई। पुलिस ने सभी मामलों में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुखानी निवासी ऊषा सिंह ने पुलिस को बताया कि पिछले साल दिसंबर में उसके बेटे ने मर्चेंट नेवी में नौकरी के लिए एजेंट से ऑनलाइन बात की थी। दोनों के बीच लेनदेन पर चर्चा हुई।
20 दिसंबर 2024 को अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर कॉल आया। फोन करने वाले ने नौकरी लगाने के नाम पर 1.70 लाख रुपये खाते में जमा करवा लिए। अब नौकरी के लिए बेटे ने उसी नंबर पर कॉल किया तो फोन बंद आ रहा है।
बनभूलपुरा निवासी परवेज पैसे डबल करने के लालच में 3.28 लाख रुपये गवां बैठा। हुआ यूं कि 18 फरवरी को उसे अनजान नंबर से फोन आया। कॉलन ने पैसे दोगुने करने का लालच दिया।
विश्वास में आकर परवेज ने पांच हजार रुपये भेज दिए। आधे घंटे बाद दस हजार क्रेडिट का मैसेज आया। फिर क्या था लालच बढ़ गया।
परवेज ने ठगों के कहने पर उनके बताए खातों में पांच किस्तों में 3.28 लाख रुपये डाल दिए। इसके बाद न पैसे डबल हुए और न फोन रिसीव हुआ।
काठगोदाम निवासी ललित चंद्र को ठगों ने 1.13 लाख का चूना लगा दिया। 25 फरवरी 2025 को ललित के पास फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को निजी बैंक का प्रतिनिधि बताया।
ठग ने उन्हें झांसे में लेकर एटीएम कार्ड के अंतिम चार अंक पूछे। ललित की ओर से अंक बताने के उपरांत फोन काट दिया। इसके बाद खाते से 1.13 लाख रुपये कटने का मैसेज आया। तब जाकर ठगी का एहसास हुआ।
कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले प्रतीक ने रुपये दोगुने करने के लालच में एक लाख रुपये ठगों को दे दिए। प्रतीक ने पुलिस को बताया कि उसके पास कुछ समय पहले व्हाट्सएप पर मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने बताया कि पैसे लगाने पर उसे वापस अधिक रकम मिलेगी।
पहली बार में प्रतीक ने 40 हजार रुपये लगाए तो 44 हजार वापस आ गए। इससे वह लालच में आ गया और उसने सीधे एक लाख रुपये लगा दिए। न तो रुपये वापस आए और न दोबारा फोन उठा।














