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नैनीताल पुलिस—फर्जीवाड़ा हो या षड्यंत्र, कानून की नज़र से कुछ नहीं बचता।

हल्द्वानी में डैमोग्राफी चेंज का प्रयास, प्रकरण में अरोपी गिरफ्तार, एसएसपी नैनीताल ने किया खुलासा

हल्द्वानी। कुलदीप पाण्डे, तहसीलदार हल्द्वानी द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर थाना बनभूलपुरा पर मु0अ0सं0 259/2025 पंजीकृत किया गया, जिसमें धारा 316(5)/318(4)/336(3)/338/61 (2) BNS के प्रावधान लागू किए गए।

उत्तराखण्ड में फर्जी तरीके से स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनवाकर सुनियोजित तरीके से डेमोग्राफी चेंज प्रकरण में सम्मिलित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रेषित किए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देशन में प्रभावी पुलिस कार्यवाही

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी०सी० के दिशा-निर्देश तथा क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी के पर्यवेक्षण में उपरोक्त संगीन प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए निम्न अभियुक्तों को पूछताछ हेतु थाने पर लाया गया-

गिरफ्तार अभियुक्त

1. मो० फैजान पुत्र फुरकान निवासी गोपाल मंदिर के पास, मुस्तफा चौक, नई बस्ती, बनभूलपुरा

2. रईस अहमद पुत्र अब्दुल हमीद निवासी वार्ड 26, नई बस्ती, आस्ताना मस्जिद के पास, बनभूलपुरा 

3. दिनेश सिंह दासपा पुत्र गोकरण सिंह, निवासी धामीपुरा, थाना मुन्स्यारी, जनपद पिथौरागढ़, हाल-सरकारी क्वार्टर, विद्युत विभाग, हाईडिल गेट, काठगोदाम पद-T.G. (Technical Grade) Second. विद्युत विभाग

पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा महत्वपूर्ण खुलासे

मो० फैजान का कूटरचित प्रमाणपत्र बनाने का खुलासा

अभियुक्त फैजान ने स्वीकार किया कि इल्मा, पुत्री रईस अहमद ‌द्वारा दिये गए जाति प्रमाण पत्र हेतु दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए, रईस अहमद के नाम से फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्र तैयार कराया गया एवं इस प्रकार के अन्य कार्य भी उसके द्वारा किये गये।

रईस अहमद ने भी माना कि उसने फर्जी स्थाई निवास बनवाने हेतु फैजान को आर्थिक लाभदिया, यह जानते हुए भी कि दिये गए दस्तावेजों के आधार पर प्रमाणपत्र बनना संभव नहीं है. उसने गलत दस्तावेजों का उपयोग किया और फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्र का प्रयोग कर उसने अपना मैरिज सर्टिफिकेट भी बनवाया।

विद्युत विभाग के कर्मचारी दिनेश सिंह दासपा का खुलासा

अभियुक्त दिनेश ने बताया कि वह UPCL तिकोनिया कार्यालय में T.G. Technical Gate Second के पद पर तैनात है। फैजान पिछले एक वर्ष से उससे संपर्क में था, और फैजान के कहने पर वह 15 वर्ष पुराने बिजली कनेक्शन की जानकारी व बिलों की स्टाम्प युक्त प्रतियां उपलब्ध कराता था, जिन्हें फैजान प्रमाणपत्र बनाने में उपयोग करता था।

प्रति बिल ₹500/- प्राप्त करने की बात भी स्वीकार की।

अभियुक्तों पर पाई गई भूमिका

अभियुक्त मो० फैजान एवं रईस अहमद पर धारा 318(4)/316(5)/336 (3)/338/61(2) BNS के साक्ष्य पर्याप्त पाए गए।

अभियुक्त दिनेश सिंह दासपा पर धारा 318(4)/61 (2) BNS के साक्ष्य मिलने पर तीनों अभियुक्तों की कानूनगत कारण बताते हुए पुलिस हिरासत में लिया गया।

साक्ष्यों को प्रभावित करने से रोकना

अयेतर अपराध रोकना

उचित अन्वेषण हेतु हिरासत आवश्यक पाया गया

अभियुक्तों को समय से माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।

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