अंकिता भंडारी मर्डर केस में 3 साल बाद क्यों मचा हंगामा? वो सब कुछ जो आपको जानना चाहिए
उत्तराखंड का बहुचर्चित अंकिता भंडारी केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है। करीब तीन साल बाद फिर से इस केस को लेकर सियासी तूफान आया हुआ है। जिससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
कांग्रेस इस मुद्दे को चुनावी साल में पूरी तरह से छोड़ने के मूड में नहीं है।
कांग्रेस ने सीबीआई जांच की पुरजोर मांग की है। जबकि भाजपा ने दलित समाज को बदनाम करने की साजिश करार दिया है।
आइए जानने कि कोशिश करते हैं कि आखिर तीन साल बाद इस केस से कैसे और क्यों प्रदेश में राजनीतिक भूचाल ला दिया है।
2027 में उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके लिए अभी से कांग्रेस और भाजपा मैदान में डट गए हैं। इस साल के अंतिम तक चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
भाजपा इस बार हैट्रिक लगाकर रिकॉर्ड बनाना चाहेगी, जबकि कांग्रेस के पास कमबैक करने का मौका है। अंकिता भंडारी केस को लेकर कांग्रेस फिर से मुखर है। ऐसे में भाजपा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।
पूर्व विधायक और भाजपा के पुराने नेता रहे सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई वीडियो जारी किए।
जिसमें अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के नाम को लेकर खुलासा किया था। इसमें भाजपा नेता और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम पर गंभीर आरोप भी लगे हैं।
इस केस के सामने आने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी उर्मिला ने सियासी हमला किया। जिसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने मामले की जानकारी ली है।
महिला की ओर से हर दिन सोशल मीडिया पर लाइव आकर पार्टी के बड़े नेताओं के नाम लेकर लगाए जा रहे आरोप, टेलीफोन पर की जा रही बातचीत का रिकॉर्ड, संबंधित तस्वीरों से पार्टी की छवि खराब हो रही है।
प्रदेशभर से लोग सोशल मीडिया पर इन वीडियो में दिए जा रहे तथ्यों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जिसके बाद पार्टी के लिए आने वाले समय में मुश्किलें हो सकती है। हालांकि भाजपा का दावा है कि इसमें कांग्रेस की साजिश है।
पार्टी के अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस पूरे प्रकरण के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया। इसके बाद प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने भी कानूनी कार्रवाई की बात की है।
दुष्यंत कुमार गौतम ने सचिव गृह को पत्र भेजा है। उन्होंने मीडिया, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक सामग्री हटवाने व प्रसार पर प्रतिबंध का अनुरोध किया है।
बता दें कि तीन साल पहले ऋषिकेश के वनतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। 18 सिंतबर, 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था।
पूरा मामला समझाते हैं
अंकिता भंडारी हत्याकांड सितंबर 2022 में देश भर में चर्चा में आया था. वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली अंकिता भंडारी 18 सितंबर 2022 की रात को अचानक लापता हो गई थी. इसके 6 दिन बाद 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव ऋषिकेश के पास चीला नहर से बरामद किया गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया और शरीर पर भी चोट के निशान मिले. मामले की जांच में सामने आया कि भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा और रिसॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य अंकिता पर एक ‘VIP गेस्ट’ को ‘स्पेशल सर्विस’ (यौन संबंध) का दबाव बना रहा था. अंकिता ने इससे साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।
इस घटना के तीन साल और मामले में जिला अदालत के फैसले के 7 महीने बाद एक सनसनीखेज खुलासे ने फिर से ये मामला खोल दिया है।
भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी ऊर्मिला सनावर ने एक कथित ऑडियो जारी किया है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि इसमें जो आवाज है वो उनके पति (सुरेश राठौर) की है. इसमें कथित तौर पर राठौर बता रहे हैं कि अंकिता भंडारी की हत्या जिस VIP गेस्ट के लिए हुई, वो भाजपा के नेता ‘गट्टू’ उर्फ दुष्यंत गौतम हैं।
क्या है ऑडियो में
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ऊर्मिला जो ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनाती हैं, उसमें कॉल पर मौजूद व्यक्ति कहता है, ‘विनोद आर्य का जो लड़का (जेल में) बंद है वो अंकिता भंडारी के मर्डर केस में बंद है. अंकिता भंडारी को उसने दुष्यंत से संबध बनाने का दबाव डाला था. अंकिता ने इससे साफ मना कर दिया।’
इसके बाद अंकिता भंडारी की मौत हो गई. ऑडियो में दो भाजपा नेताओं के नाम लिए गए, जो इस केस में शामिल थे. इसमें एक तो दुष्यंत गौतम थे और दूसरे थे अजय कुमार. दावा है कि दोनों उस दिन रिसॉर्ट में मौजूद थे।
कॉलर आगे कहता है कि अगर दुष्यंत गौतम से उस समय पार्टी पल्ला झाड़ लेती तो ‘भाजपा गिर जाती’. वो ये भी कहता है कि ‘गौतम का सीबीआई क्या कर लेती. वो भाजपा का पदाधिकारी है. इससे बदनामी तो पार्टी की है. इसलिए उसे मुख्यमंत्री ने बचा रखा है।’
ऊर्मिला का दावा है कि ये उनके पति सुरेश राठौर से बातचीत की रिकॉर्डिंग है, जिसमें उन्होंने अंकिता भंडारी केस में दुष्यंत गौतम का नाम लिया है।
उन्होंने सवाल भी उठाया है कि आखिर उस कमरे में तत्काल बुलडोजर क्यों चलवा दिया गया था, जहां हत्याकांड हुआ था? ऊर्मिला का आरोप है कि ऐसा गौतम तथा कुछ और लोगों को बचाने के लिए किया गया था।





