ब्रेकिंग न्यूज़
नैनीताल : भूमियाधार में सड़क की बदहाली पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, धरने पर बैठे ग्रामीण; बोले- ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’, 2027 चुनाव बहिष्कार की चेतावनीदेवीधुरा में ऐतिहासिक बग्वाल का भव्य आयोजन, 8 मिनट तक गूंजे मां वाराही के जयकारे; CM धामी ने की पूजा-अर्चना, देवीधुरा को नगर पंचायत बनाने का ऐलानरक्षाबंधन पर बहन को लेने जा रहे 22 वर्षीय युवक की सड़क हादसे में मौतरक्षाबंधन पर SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने दी जनपदवासियों को शुभकामनाएं, बोले—जनसुरक्षा और जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता, पीआरओ हेमा ऐठानी ने SSP की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्ररक्षाबंधन पर जेल पहुंचीं बहनें, भाइयों की कलाई पर बांधी राखी; भावुक होकर बोलीं—अगली राखी घर पर मनाएं

उत्तराखंड पंचायत चुनाव के नतीजें आ गए हैं। जिसने बड़े-बड़ों की नींव हिला दी है। कई सत्ताधारी नेताओं के करीबी उम्मीदवारों को जनता ने सिरे से खारिज कर दिया।

बीजेपी के तीन मौजूदा विधायकों के रिश्तेदार चुनाव हार गए। ये हार मामूली नहीं, बल्कि बड़े झटके के तौर पर देखी जा रही है। चलिए जानते हैं कि दिग्गज नेता के उम्मीदवार कहां हारे।

बीजेपी से लैंसडाउन विधायक दलीप रावत की पत्नी नीतू देवी पौड़ी से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गईं। उनका प्लान था कि सीट जीतकर जिला पंचायत अध्यक्ष की दौड़ में उतरेंगी। लेकिन 411 वोट से शिकस्त खा गईं। ये हार दलीप रावत के राजनीतिक करियर पर भी सवाल खड़े कर रही है।

सल्ट विधायक महेश जीना के बेटे को मिली हार

अल्मोड़ा जिले में BJP को दूसरा बड़ा झटका लगा। सल्ट विधायक महेश जीना(Mahesh Jeena) के बेटे करण जीना बबलिया क्षेत्र पंचायत सीट से हारे। बताते चलें कि साल 2027 के लिए ये महेश जीना के लिए खतरे की घंटी बजा सकता है।

बीजपी विधायक सरिता आर्या का बेटा भी नहीं जीत पाया

इसके अलावा नैनीताल विधायक सरिता आर्या (Sarita Arya) के बेटे को कांग्रेस समर्थित यशपाल आर्या ने 1200 वोटों से पटखनी दी। दिलचस्प बात ये है कि सरिता खुद कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आई थीं और विधायक बनीं। लेकिन बेटे को पंचायत चुनाव में नहीं जिता सकीं।

नेता और पत्नी दोनों चुनाव हारे

अल्मोड़ा में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार राम और उनकी पत्नी पूजा देवी दोनों ही अपनी-अपनी सीट से हार गए। संतोष तीसरे स्थान पर रहे। उनके पास सत्ता का प्रभाव होने के बावजूद जनता ने उन्हें नकार दिया।

पूर्व मंत्री की पत्नी को भी नहीं मिली जगह

चमोली में बीजेपी नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी की पत्नी रजनी भंडारी को रानों वार्ड से हार का सामना करना पड़ा। रजनी निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष थीं। लेकिन इस बार मतदाताओं ने उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया।

निर्दलीय प्रत्याशी ने मारी बाजी

नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं बेला तोलिया को भी इस बार हार का मुंह देखना पड़ा। रामड़ी आनसिंह सीट से निर्दलीय प्रत्याशी छवि बोरा कांडपाल ने बाज़ी मारी और बीजेपी को करारा झटका दिया।

यह भी पढ़ें :  अग्निवीरों के लिए उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, देश का पहला ‘अग्निवीर रोजगार प्रकोष्ठ’ होगा स्थापित

You missed

error: Content is protected !!