उत्तरकाशी में बादल फटने से हाहाकार, मलबे में 20-25 होटल भी दब गए
उत्तरकाशी जिले में मंगलवार दोपहर करीब 1:45 बजे धराली गांव में भीषण आपदा आ गई जब हरसिल के पास बादल फटने से भारी बाढ़ आ गई. यह इलाका भारतीय सेना के कैंप से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
अचानक आई इस बाढ़ ने पूरे गांव में तबाही मचा दी और आसपास के इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया, जिससे गंगोत्री धाम का रास्ता भी बंद हो गया.
लोगों की मौत और लापता होने की खबरें
अब तक की जानकारी के अनुसार, इस त्रासदी में कम से कम चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. घटना के वक्त गांव में स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक भी मौजूद थे. एक प्रत्यक्षदर्शी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जीवन में कभी ऐसा भयानक दृश्य नहीं देखा, जहां होटल, दुकानें और पूरा बाजार पानी में समा गया हो।
सेना का कैंप भी चपेट में, 10 जवान लापता
इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में हर्षिल में तैनात भारतीय सेना की 14 राजरिफ यूनिट का कैंप भी आ गया है. हादसे में सेना के 10 जवान और एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) लापता हैं. एक अधिकारी गंभीर रूप से घायल है. हालांकि, इस संकट की घड़ी में भी सेना के अधिकारी और जवान राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं, और अब तक लगभग 15 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
हेलीपैड बहा, हेलीकॉप्टर से मदद में बाधा
हर्षिल में नदी किनारे बना हेलीपैड भी तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया है. इससे हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री भेजने और लोगों को निकालने में कठिनाई आ रही है. भारी बारिश के चलते हवाई सहायता फिलहाल संभव नहीं है।
राहत कार्यों में जुटी सभी एजेंसियां
उत्तरकाशी पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और अन्य एजेंसियों की टीमें फिलहाल घटनास्थल पर मौजूद हैं और राहत-बचाव कार्य तेज़ी से चल रहा है. घटना के पास जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ, वहां सबसे पहले तैनात सेना की यूनिट ही पहुंची और तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया।
गंगोत्री जाने वाले पर्यटक रुकते हैं इन होटलों में, कई मलबे में दब गए
बताया जा रहा है कि बादल फटने की घटना दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई, जिसके बाद तेजी से मलबा पहाड़ से नीचे की तरफ आया। रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। ऊपरी इलाकों में मौजूद कुछ लोगों ने खौफनाक घटना को कैमरों में कैद किया और इस दौरान वह मंजर देखकर लोग चीखते-चिल्लाते रहे। गंगोत्री से करीब 20 किलोमीटर दूर इस गांव में बड़ी संख्या में होटल और होम स्टे हैं। गंगोत्री जाने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इन होटलों में रुकते हैं। गनीमत है कि बरसात की वजह से यहां पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। बताया जा रहा है कि 20 से 25 होटल भी बह गए हैं और मलबे में दब गए। कई घोड़े, खच्चर और कई वाहन भी दब गए हैं। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की।
मुख्यमंत्री ने युद्धस्तर पर राहत-बचाव का दिया निर्देश, गृहमंत्री ने भी की बात
उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में बादल फटने की घटना से हुए जन-धन के नुकसान की सूचना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख जाहिर करते हुए प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सेना, SDRF, NDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। इस बीच गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से बात की है।
सेना ने संभाला मोर्चा, एनडीआरएफ की टीमें रवाना
भारतीय सेना के सूर्य कमान की ओर से बताया गया कि हर्षिल के पास खीर गाड़ क्षेत्र में स्थित धाराली गांव में सोमवार को भारी भूस्खलन हुआ, जिससे मलबा और पानी अचानक गांव में बहने लगा।
भारतीय सेना की ‘आइबेक्स ब्रिगेड’ के जवान तुरंत हरकत में आए और मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया है। सेना की सूर्य कमान ने बताया कि सैनिक स्थिति का जायजा ले रहे हैं और प्रभावितों की हरसंभव सहायता कर रहे हैं। एनडीआरएफ की चार टीमों को भी घटना स्थल की ओर रवाना किया गया है।
