नैनीताल में बुरांश के फूल का नमक लोग काफी पसंद कर रहे हैं बुराश के फूल का जूस और शरबत तो लोग पहले से ही सेवन कर रहे हैं अब बुरांश के फूल के नमक की मांग बढ़ गई है।
रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। लगान हो तो महिलाएं कुछ भी कर सकती हैं महिलाएं बुरांश का फुल का नमक तैयार कर रही हैँ।
संजू रजवार कहा कि बुरांश का नमक उत्सुकतावश घर के लिए बनाया, क्योंकि इसका जूस, जैम, चटनी और पकौड़ी तो बन ही रही है। नमक घरवालों के साथ ही पड़ोसियों को भी पसंद आया।
नैनीताल के शिव शक्ति स्वय सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बुरांश का नमक तैयार किया जा रहा है। जो खाने में बहुत ही स्वादिष्ट है शरीर के लिए भी बेहद फायदेमंद है। सिलबट्टे में लाल मिर्ची बुराश की सूखी पत्तियों और अन्य मसाले पीसकर तैयार किया था।
शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के साथ मिलकर बुराश का नमक तैयार कर रही है। बुराश के नमक का प्रयोग आप भोजन के साथ सलाद में भी कर सकते हैं।
उनके समूह में कुल 6 महिलाएं जुड़ी है जो बुराश का नमक तैयार करती हैं इनकी पैकिंग करती है और इन्हें बेचती है स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
समूह द्वारा घोड़ा स्टैंड में प्रत्येक शुक्रवार से रविवार लगने वाली महिला हाट बाजार में स्टॉल लगाया जाता है। और वहां आपको बुराश का नमक आसानी से उपलब्ध हो जाएगा और इस नमक की कीमत 80 से 100 रु पर प्रति 50 ग्राम है।
संजू रजवार ने यह भी कहा तीन महीने पहले पति हार्ट अटैक आने से देहांत हो गया था। दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पति के जाने से फिर भी हिम्मत नहीं हारी। संजू रजवार के दो बेटियां हैं 6 साल और 15 साल दोनों बालिका विद्या मंदिर पढ़ रही है।
बुरांश का नमक और महिलाएं नमक के अलावा ऐपण, कहबर से टी कोस्टार, बास्केट बेचती और बच्चों का भ्रमण पोषण कहबर से टी कोस्टार, बास्केट और डॉल भी बनाती हैं।
इतना ही नहीं, ये महत्वकांक्षी महिलाएं गाय के गोबर से पंच द्रव्य धूप भी बनाती हैं, जिसे हरिद्वार के सिडकुल में खरीदा जा रहा है।
नमक की डिमांड उत्तराखंड में नहीं दिल्ली समेत देश के दूसरे राज्यों तक है।














