अल्मोड़ा। हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना शुरू हुई और अब यह समाप्ति की तरफ बढ़ रही है। योजना को सफल और बढ़ी उपलब्धि बताया जा रहा है।
योजना के तहत कनेक्शन भी लगा दिए गए हैं लेकिन इनमें अब तक पानी नहीं टपका है।
पेयजल समस्या का सामना कर रहा नगर का नजदीकी गांव बल्टा इसका प्रमाण है। यहां दो साल पूर्व जल जीवन मिशन योजना के तहत लगे 150 से अधिक कनेक्शन में अब तक पानी की बूंद नहीं टपकी है और ग्रामीण डेढ़ किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
नगर से सटे हवालबाग विकासखंड के बल्टा गांव में दो साल पूर्व जल जीवन मिशन योजना के तहत 150 से अधिक कनेक्शन लगाए गए। दावा किया कि पानी की परेशानी का सामना कर रहे इस गांव की 400 की आबादी को समस्या से मुक्ति मिलेगी और उन्हें प्राकृतिक स्रोतों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उनकी यह उम्मीद अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है।
यहां कनेक्शनों में पानी नहीं आया। कनेक्शन लगाने के साथ इनमें जलापूर्ति करने के लिए 50 लाख रुपये खर्च कर 40 केएल का टैंक भी बना दिया गया जो अब तक शोपीस बना है।
ऐसे में ग्रामीण डेढ़ किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। गर्मी बढ़ते ही यहां भी जलस्तर कम हो गया है और भीड़ अधिक होने से ग्रामीणों को कुछ लीटर पानी के लिए लंबी लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
नई योजना के लिए करना पड़ेगा इंतजार
अल्मोड़ा। बल्टा गांव के सूखे कनेक्शनों में पानी चलाने के लिए पातालदेवी से दो करोड़ रुपये की नई योजना का निर्माण होना है। इस योजना को वन विभाग की स्वीकृति का इंतजार है।
स्वीकृति कब मिलेगी, इसका स्पष्ट जवाब जल निगम के अधिकारियों के पास नहीं है। ऐसे में बल्टा के ग्रामीणों को इस गर्मी भी जल संकट से मुक्ति नहीं मिलेगी और उन्हें सूखे नलों में जल टपकने का इंतजार करना होगा।





