गैरसैंण। भराड़ीसैंण में हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 20 अगस्त को कांग्रेस विधानसभा घेराव करेगी।
कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष दान सिंह नेगी ने बताया कि नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी के नेतृत्व में 20 अगस्त को रामलीला मैदान में विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा।
जिसके बाद गैरसैंण क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों की बदहाली सहित स्थायी राजधानी की मांग को लेकर विधानसभा घेराव किया जाएगा। वहीं पूर्व अनशनकारी भुवन कठायत ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किए जाने की मांग को लेकर सत्र के तीनों दिन तक गैरसैंण के रामलीला मैदान में धरना-प्रर्दशन के आयोजन करने की बात कही है।
– उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2025
– उत्तराखंड अल्प संख्यक शिक्षा विधेयक 2025
– उत्तराखंड साक्षी संरक्षण (निरसन) विधेयक 2025
– उत्तराखंड समान नागरिकता (संशोधन) विधेयक
– लोकतंत्र सेनानियों की सुविधाएं बढ़ाने से संबंधित विधेयक 2025
– पंचायत राज संशोधन विधेयक
– अनुपूरक विधेयक
सदन के भीतर आपदा, त्रिस्तीरय पंचायत चुनाव में कथित गड़बड़ी, कानून व्यवस्था के मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं। विपक्ष शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार, विकास से जुड़े मुद्दों सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। उधर, सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए रणनीति बनाई है। साथ ही सदन पटल पर सदस्यों के लगभग 550 से अधिक प्रश्न मंत्रियों की परीक्षा लेंगे।
आज से शुरू हो रहे चार दिवसीय विधानसभा सत्र के लिए सरकार और विपक्ष ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) पहुंच गए हैं। सत्र के दौरान आपदा और पंचायत चुनाव में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर सदन गरमाने के आसार हैं। सरकार वित्तीय आवश्यकताओं के लिए अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके साथ ही सरकार उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम में संशोधन समेत नौ विधेयक पारित कराने के लिए लाएगी।
सत्र शुरू होने से दो दिन पहले भराड़ीसैंण पहुंचीं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने सत्र के आयोजन की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और विस सचिवालय के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मंगलवार को हेलिकॉप्टर से गैरसैंण पहुंचे।
वहां कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।
सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों का भी भराड़ीसैंण पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में पहुंचे सरकारी वाहनों और अमले के शोर ने भराड़ीसैंण का सन्नाटा तोड़ दिया है।





