उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर लगातार जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। राज्य के चमोली जिले में मौसम की मार के चलते बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की प्रसिद्ध तीर्थ यात्राएं फिलहाल के लिए रोक दी गई हैं।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, तीर्थयात्रियों को अलग-अलग स्थानों पर रोका गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद यह कदम उठाया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है, जिससे सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
वहीं, विश्व प्रसिद्ध “फूलों की घाटी” में भी पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। नंदा देवी नेशनल पार्क के उपनिदेशक तरुण सलएस ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को प्रशासन ने करीब 150 पर्यटकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला था। ये सभी पर्यटक फूलों की घाटी और आसपास के इलाकों में फंसे हुए थे। प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने समय रहते राहत कार्य करते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल यात्रा स्थगित करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही राज्य आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और अधिक बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और भी बिगड़ सकते हैं। प्रशासन की ओर से यात्रियों को अग्रिम सूचना दिए जाने तक यात्रा शुरू न करने की सलाह दी गई है।














