ब्रेकिंग न्यूज़
हल्द्वानी : फतेहपुर में महिला पर गुलदार का हमला, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी ने मृतका के परिजनों को दी सांत्वना, हर संभव पुलिस सहायता का दिया आश्वासनहल्द्वानी : फतेहपुर क्षेत्र में बाघ का हमला, महिला की मौत से दहशत; ग्रामीणों का वन विभाग पर फूटा गुस्साहल्द्वानी : गल्ला मंडी में युवक-युवती की संदिग्ध मौत से सनसनी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर,युवक-युवती की हुई पहचाननैनीताल में भारत स्काउट एवं गाइड का सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्नहल्द्वानी : गल्ला मंडी में छात्रा की निर्मम हत्या; हरीश पनेरु के नेतृत्व में पुलिस से मिले परिजन, हत्याकांड के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
खबर शेयर करे -

हल्द्वानी। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट व ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष नैनीताल नन्हे कश्यप ने संयुक्त रूप से नैनीताल रोड स्थित रेस्टोरेंट हट गार्डन में पत्रकार वार्ता करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के द्वारा 22 मई को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के द्वारा जारी 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट को रद्द करने के निर्णय का स्वागत किया है ।

उन्होंने पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए विशेष समुदाय को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए ओबीसी सर्टिफिकेट जारी करने का आरोप लगाया । 

गौरतलब है कलकत्ता हाई कोर्ट ने 22 मई को एक आश्चर्यजनक कदम उठाते हुए, पश्चिम बंगाल में 2010 से राज्य सरकार की तरफ से जारी किए गए 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट को रद कर दिया।

हाई कोर्ट ने राज्य में नौकरियों और सेवाओं में इस तरह के आरक्षण को अवैध बताया। अदालत ने कहा कि इन समुदायों को ओबीसी घोषित करने के लिए वास्तव में धर्म ही एकमात्र मानदंड प्रतीत होता है।

कोर्ट ने कहा, उसका मानना है कि मुसलमानों के 77 वर्गों को पिछड़ों के तौर पर चुना जाना पूरे मुस्लिम समुदाय का अपमान है।

हाई कोर्ट ने कहा कि यह अदालत इस संदेह को अनदेखा नहीं कर सकती कि उक्त समुदाय (मुसलमानों) को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए एक साधन माना गया।

ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष नन्हे कश्यप ने कहा पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 25 मई को तामलुक, कांथी, घाटल, पुरुलिया, बांकुरा, बिष्णुपुर, झारग्राम और मेदिनीपुर निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होना है उच्च न्यायालय के न्यायप्रिय निर्णय के परिणाम मतदान के दिन महसूस किया जा सकता है। 

उन्होंने कहा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ओबीसी दर्जा खत्म करने के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को स्वीकार नहीं करने वाले बयान को उनकी तानाशाही कहा है और माननीय न्यायालय के फैसले का विरोध करने के कृत्य को निंदनीय कहा है साथ ही आरोप लगाते हुए कहा देश की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ काम करने का ममता बनर्जी का हमेशा से व्यवहार रहा है ।

जिसको देश की जनता स्वीकार नहीं करेगी , उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों के लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है । राजनीतिक लाभ लेने की दृष्टि से वर्ष 2010 के बाद पश्चिम बंगाल में ओबीसी श्रेणी के तहत सूचीबद्ध व्यक्तियों की संख्या 5 लाख से ऊपर पहुंचाने का काम ममता बनर्जी ने किया है । 

कोलकाता हाईकोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष ने निर्णय का स्वागत कर कार्यकर्ताओं के बीच मिष्ठान वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया । 

इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट , जिला उपाध्यक्ष हरिमोहन अरोरा , मीडिया प्रभारी भुवन भट्ट ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष नन्हे कश्यप , रोहित पाल , मनोज वर्मा , महेश शाहू , आकाश समेत ओबीसी मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

यह भी पढ़ें :  डेमोग्राफी परिवर्तन मामले पर सांसद अजय भट्ट सख्त, जिलाधिकारी को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

You missed

error: Content is protected !!