नैनीताल में ठंडी सड़क पर पाषाण देवी मंदिर में जीवन वर्ष कला संगम समिति मेहरा गांव द्वारा भिटोली का कार्यक्रम आयोजित किया गया
रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। ठंडी सड़क सिथत थत पाषाण देवी मंदिर में जीवन वर्षा कला संगम समिति मेहरा गांव द्वारा भिटौली का आयोजन किया गया।
जिसमें माँ पाषाण देवी को मायका मानकर समिति द्वारा 55 बहनों को भिटौली दी गयी।
नैनीताल में पाषाण देवी मंदिर में संस्कृति भिटोली त्योहार मनाया गया जिसमें 55 महिलाओं को भिटोली भेंट की गई।
नैनीताल में उत्तराखंड की संस्कृति, त्योहार और रीति रिवाजों को मनाने का अपना अलग अंदाज है। उत्तराखंड में ऐसे कई त्यौहार या पारंपरिक रीति रिवाज हैं, जो पूरी दुनिया में शायद ही कहीं होंगे।
इन्ही में से एक मुख्य लोकपर्व है भिटोली. भिटोली वास्तव में कोई त्योहार नहीं है, बल्कि यह दशकों से चली आ रही एक सामाजिक परंपरा है। चैत्र के महीने में मायका पक्ष अपनी शादीशुदा बहन/ बेटी को भिटोली देता है।
सदियों पहले पहाड़ में यह प्रथा जब शुरु हुई, तब आवागमन के सुगम साधन उपलब्ध नहीं थे। तब वर्ष में एक उपहार देने के बहाने से बेटियों से मिलने जाते थे।
आज नैनीताल के पाषाण देवी मंदिर में लगभग 55 शादीशुदा बहनों को भटोली दी गई। पंडित जगदीश चन्द्र भट्ट ने बताया विवाहित बहनों को चैत का महीना आते ही अपने मायके से आने वाली ‘भिटोली’ की सौगात का इंतजार रहता है।
इसी परंपरा को निभाते हुए पाषाण देवी मंदिर में बीते वर्ष से भिटौली दी जा रही है। ताकि दूर दराज से नैनीताल ब्याहकर आई बहिनों एक दूसरे का सहारा बन सके।
वही प्रगति जैन ने कहा भिटोली का महोत्व हमारा उत्तराखंड का लोक पर्व है। चेत की भिटोली दी जाती है। शादीशुदा बहाने दूधराज इलाकों में ब्याही जाती थी उनसे मिलने का माध्यम होता था भिटोली इसमें एक कथा भी है एक भाई अपने बहन को भिटो ली देने के लिए आता है।
लेकिन बहन सोई रह जाती है। और बहन अपने भाई से मिल नहीं पाती। घुघुती के त्यौहार में पक्षी के रूप में आता है भिटोली के इस पर्व को उसकी याद नहीं मनाया जाता है।
मुख्य अतिथि के रूप में विधायक सरिता आर्या
और पूर्व दर्जा राज्य मंत्री शांति मेहरा जी , गीता साह जी , विनीता पांडे जी , रानी साह जी, उमा पढ़ालनी जी , भगवती सुयाल जी रहे ।
विशेष सहयोगी के रूप मे उमा आर्या जी , हंसा रावत जी , माया पंत जी , कंचन जोशी जी , ज्योति भट्ट जी रहे।
माँ पाषाण देवी की टीम से एक बहुत सुंदर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति हुई l
रश्मि आर्या जी का विशेष आभार ।
माँ पाषाण देवी मंदिर के पंडित जी श्री जगदीश भट्ट जी का हृदय से आभार ।
कार्यक्रम संयोजक की भूमिका में समिति अध्यक्ष वर्षा जी और सचिव डॉ प्रगति जैन आदि इस कार्यक्रम में मौजूद है।














