चार धाम यात्रा से पहले बड़ा फैसला: बदरी-केदार मंदिर समिति के 47 मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक
हल्द्वानी। चार धाम यात्रा से पहले बदरी-केदार मंदिर समिति ने एक बड़ा और अहम निर्णय लिया है।
समिति ने अपने अधीन आने वाले 47 मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
अब इन मंदिरों के परिसर और गर्भगृह में केवल सनातन धर्म के अनुयायियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
यह निर्णय देहरादून स्थित बदरी-केदार मंदिर समिति के कार्यालय में आयोजित बजट बैठक के दौरान लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष हिमंत द्विवेदी ने की। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा गया कि समिति के अधीन आने वाले सभी 47 मंदिरों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
समिति के अनुसार यह फैसला मंदिरों की परंपराओं, धार्मिक मर्यादाओं और आस्था की पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। जिन मंदिरों में यह नियम लागू होगा, उनमें देश-दुनिया के प्रसिद्ध धाम बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर भी शामिल हैं।
समिति का कहना है कि चार धाम यात्रा के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में मंदिरों की परंपरा और धार्मिक व्यवस्था को बनाए रखना बेहद जरूरी है।
हालांकि इस फैसले को लेकर प्रदेश में चर्चा भी तेज हो गई है।
कुछ लोग इसे धार्मिक परंपराओं की रक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसे सामाजिक और संवैधानिक दृष्टि से भी देख रहे हैं।
चार धाम यात्रा से पहले लिए गए इस निर्णय ने प्रदेश की धार्मिक और राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।





