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देहरादून। ऋषिकेश की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अज्ञात वीआईपी (VIP) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। उत्तराखंड सरकार की सिफारिश के बाद यह मामला सीबीआई को सौंपा गया था।

दिल्ली स्थित सीबीआई की क्राइम ब्रांच शाखा संख्या-2 में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर के बाद सीबीआई की एक विशेष टीम देहरादून पहुंच चुकी है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता लंबे समय से इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2025 को जांच की सिफारिश की थी।

यह मामला सितंबर 2022 का है। पौड़ी जिले की निवासी अंकिता भंडारी वनांतरा रिसोर्ट में काम करती थी। 24 सितंबर 2022 को उसका शव ऋषिकेश की चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। मामले की सुनवाई के बाद 30 मई 2024 को जिला न्यायालय ने रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

जांच के दौरान यह सामने आया था कि अंकिता पर एक वीआईपी को ‘विशेष सेवा’ देने का दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि, एसआईटी जांच में उस वीआईपी की पहचान उजागर नहीं हो सकी थी। बाद में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के कथित वायरल ऑडियो सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया और राज्यभर में विरोध प्रदर्शन हुए। इसके बाद अंकिता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग दोहराई।

अब सीबीआई द्वारा अज्ञात वीआईपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पूरे प्रदेश की निगाहें सीबीआई जांच पर टिकी हैं कि क्या इस बार वीआईपी की पहचान सामने आएगी और अंकिता भंडारी को न्याय की पूरी तस्वीर मिल पाएगी।

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI), सेक्शन-2 ने पद्म पुरस्कार विजेता डॉ. अनिल कुमार जोशी की शिकायत पर, BNS, 2023 की धारा 238, 249 और 45 के तहत अंकिता भंडारी हत्याकांड में मामला दर्ज किया है। नई दिल्ली, CBI सेक्शन-2 के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस प्रशांत श्रीवास्तव को इस मामले में इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

VIP को लेकर उत्तराखंड में बवाल

उत्तराखंड सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच (ब्रांच-2) ने दिल्ली में इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह कदम वायरल ऑडियो-वीडियो क्लिप्स और राज्यभर में उठे जनआक्रोश के बाद उठाया गया है, जिसमें एक कथित “VIP” की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हुए थे।

कब हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या

अंकिता भंडारी ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी और 24 सितंबर को उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है और तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

जब वायरल वीडियो ने मचाया तहलका

मामला उस समय और संवेदनशील हो गया जब सोशल मीडिया पर कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप्स वायरल हुईं। इन क्लिप्स में ज्वालापुर से पूर्व भाजपा विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने एक “VIP” की संलिप्तता का जिक्र किया था। इसके बाद राज्यभर में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए और सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई।

हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अब सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने कथित “VIP” व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस नए केस के तहत सभी वायरल दावों, सबूतों और संभावित भूमिका की गहन जांच की जाएगी।

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