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नैनीताल। उत्तराखंड में बारिश आफत बनकर बरस रही है. यहां कई नदियां- नाले उफान पर हैं. भारी बरसात की वजह से पहाड़ भी दरकने लगे हैं. उनका मलबा सीधा सड़कों पर गिर रहा है, तो कहीं तेज हवाओं के कहर में पेड़ सड़कों पर गिर रहे हैं।

जिसकी वजह से जिले भर में अब तक 33 सड़कें पूरी तरह से बंद हो गईं हैं. प्रशासन सड़कें चालू कराने की कोशिश में जुटा हुआ है, लेकिन जिले में 4 दिन से बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है. अब मुसीबत लोगों के खाने तक पहुंच गई है।

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में बीते चार दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है. इसकी वजह से लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. पहाड़ों के दरकने पर मलवा सड़कों पर फैल रहा है।

जिले में 33 सड़कें बंद होने से कई गांवों से संपर्क टूट गया है. इसकी वजह से ग्रामीणों का आवाजाही में दिक्कत हो रही है. यहां तक कि किसानों को फल सब्जी भी मंडी तक लाना बेहद मुश्किल हो रहा है।

नैनीताल का संपर्क कभी भी कट सकता है. मानसून में ये बड़ा खतरा नैनीताल पर बना हुआ है. नैनीताल जाने वाली सभी सड़कें खतरे में हैं, तो कई स्थानों पर पड़ी दरारें खतरे का अंदेशा जताने लगी हैं।

नैनीताल हल्द्वानी रोड़ हो या फिर कालाढूंगी को जोड़ने वाली सड़क या भवाली मार्ग सभी सड़कें खतरे की जद में हैं. अधिकांश स्पॉट पर आई दरारें चिंताएं व्यक्त करने लगी हैं. नैनीताल शहर की मॉलरोड पर भी खतरा बनने लगा. हालांकि प्रशासन जरूर सड़कों पर नजरें बनाये है।

वही ओखल कांडा ब्लॉक में भी बरसात का कहर जारी है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रवि गोस्वामी ने खुटका गधेरे के उफान पर चलते प्रशासन को सूचित किया।

इसके बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार और पटवारी ने जेसीबी लगाकर नाले पर काम शुरू कर दिया है।

नैनीताल जिले में चार दिन से लगातार मूसलाधार बारिश जा रही है जिसके चलते कई सड़कें बंद हो चुकी व कई  क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

कई पुलों पर खतरा मर्डरा रहा है जगह-जगह भूस्खलन की खबरें हैं।

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