नई दिल्ली/देहरादून। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 10,000 FPO Scheme के अंतर्गत किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में ऑनबोर्ड किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और डिजिटल सेवा वितरण प्रणाली को गांव-गांव तक पहुंचाना है।
यह पहल Ministry of Agriculture and Farmers Welfare और CSC e-Governance Services India Limited के मध्य संपन्न एमओयू के अनुरूप लागू की जा रही है। इसके तहत चयनित एफपीओ को CSC इकोसिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे वे ग्रामीण स्तर पर सरकारी (G2C) और व्यावसायिक (B2C) सेवाएं प्रदान कर सकें।
परियोजना के तहत पात्र एफपीओ का चरणबद्ध तरीके से डेटा संग्रहण, आधार आधारित सत्यापन, अनुपालन जांच और सिस्टम व्हाइटलिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ऑनबोर्डिंग के बाद ये एफपीओ ग्रामीण डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में कार्य करते हुए किसानों और ग्रामीण नागरिकों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय समावेशन सेवाओं, कृषि सुविधाओं एवं अन्य डिजिटल सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराएंगे।
सीएससी उत्तराखण्ड के राज्य प्रतिनिधि दीपक चौहान ने बताया कि यह पहल राज्य के एफपीओ को डिजिटल रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर राजस्व मॉडल से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि CSC प्लेटफॉर्म से जुड़ने के बाद एफपीओ केवल कृषि गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में भी अपनी भूमिका निभाएंगे।
यह पहल Digital India और Atmanirbhar Bharat Abhiyan के विजन के अनुरूप ग्रामीण संस्थाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित



