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नैनीताल। हिम शिखर लोकोत्सव के तहत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली।

यह कार्यक्रम उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) के सहयोग से आरोह सांस्कृतिक कला समिति नैनीताल द्वारा आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन समिति की अध्यक्ष रीना आर्या के नेतृत्व में किया गया। शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें श्री राम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह, डॉ. प्रो. ललित तिवारी, विमल चौधरी एवं शोभा चारक (केंद्रीय संचार ब्यूरो नैनीताल) मौजूद रहे।

कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने कुमाऊं और गढ़वाल की पारंपरिक संस्कृति पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों में दीपा, अजय, शुभम, मोनिका, पवन, महेश, हेम, पीयूष, सुमित, माही और पीहू ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। वहीं गायन में मोनिका और अजय कुमार, ढोलक पर संजू तथा सिंथेसाइज़र पर शुभम ने संगत दी।

“मासी का फूला वंदना”, “ओ लाली हो”, “गगुली लसकमर”, “छम-छम बाजीली” और “मैं तेरी चंदा तू मेरी चकोर” जैसे लोकगीतों पर दर्शक झूम उठे। पूरे कार्यक्रम में कुमाऊं और गढ़वाल की सांस्कृतिक विरासत का सुंदर प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन दिलावर ने किया। आयोजन ने न केवल दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, बल्कि उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

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