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आज से बदल गए ये 7 बड़े नियम, UPI, ट्रेन टिकट बुकिंग, सिम कार्ड, न्यूनतम बैंक बैलेंस समेत कई बदलाव; जानें आम जनता पर क्या होगा असर
आज एक मार्च से महीने की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव हो गया है. ये बदलाव आपकी बचत, खर्च और डिजिटल सुरक्षा को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे।

1 मार्च से नए महीने की शुरुआत के साथ आम आदमी की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आपकी जेब, यात्रा, डिजिटल भुगतान और मोबाइल सुरक्षा पर पड़ेगा। LPG सिलेंडर की कीमतों में संशोधन से लेकर ट्रेन टिकट बुकिंग, UPI ट्रांजैक्शन और सिम कार्ड के इस्तेमाल तक कई नए नियम प्रभावी हो चुके हैं।

कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को होली से पहले राहत मिली है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम 28 से 31 रुपये तक घटाए गए हैं, जबकि घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं विमान ईंधन (ATF) के दाम बढ़ने से हवाई यात्रा महंगी हो सकती है।

ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय रेलवे ने पुराना UTS मोबाइल ऐप बंद कर दिया है। अब जनरल, प्लेटफॉर्म और रिजर्व्ड टिकट बुकिंग के लिए नए ‘RailOne’ ऐप का इस्तेमाल करना होगा, जिसमें PNR स्टेटस, रेल मदद और ऑनबोर्ड सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।

डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दूरसंचार विभाग ने सिम-बाइंडिंग नियम लागू किया है। इसके तहत WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स तभी चलेंगे, जब संबंधित सिम उसी डिवाइस में सक्रिय होगा। साथ ही इन ऐप्स के वेब वर्जन हर 6 घंटे में ऑटो लॉग-आउट होंगे।

UPI यूजर्स के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। अब हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए केवल UPI पिन नहीं, बल्कि बायोमेट्रिक या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया जरूरी होगी।

बैंकों की ओर से राहत की खबर भी है। कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने सेविंग अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता खत्म कर दी है या उस पर लगने वाले शुल्क में छूट दी है, हालांकि निजी बैंक अभी पुराने नियमों पर कायम हैं।

सोशल मीडिया और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी सिम-बाइंडिंग का असर दिखेगा। इसका मकसद साइबर फ्रॉड, फिशिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे अपराधों पर लगाम लगाना है, ताकि बिना फिजिकल सिम के भारतीय नंबरों का गलत इस्तेमाल रोका जा सके।

कुल मिलाकर, 1 मार्च से लागू ये बदलाव आम आदमी की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ उसकी रोजमर्रा की आदतों में भी बदलाव लाने वाले हैं।

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