नैनीताल। हाई कोर्ट ने जुलाई माह में हुए सदस्य क्षेत्र पंचायत चुनाव में गड़बड़ी के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जब तक याचिकाकर्ता की चुनाव याचिका निस्तारित नहीं हो जाती, पड़े मतों को नष्ट न किया जाय।
याचिका में फिर से मतगणना की मांग की गई है। बुधवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ में ऊधमसिंह नगर के ग्राम सिसौना निवासी शिवानी राणा की याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया याचिकाकर्ता ने क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। 24 जुलाई को मतदान 31 जुलाई को मतगणना के बाद परिणाम आया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए कुल 3206 मतदाता था, विजेता प्रत्याशी को 1447 जबकि याचिकाकर्ता को 1438 मत पड़े। विपक्षी संख्या दो को 256 व 65 मत अवैध पड़े। विपक्षी संख्या एक को चुनाव अधिकारी ने नौ मतों से विजयी घोषित कर दिया।
याचिकाकर्ता के अनुसार जब उसके अभिकर्ता ने दुबारा मतगणना की मांग की तो आरओ ने अनुरोध अस्वीकार कर दिया।
छह अगस्त 2025 को जिला मजिस्ट्रेट को फिर से मतगणना के लिए याचिका दायर की लेकिन अभी तक कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं हुआ है।
