उत्तराखंड में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है। इस बीच सीएम धामी से मंत्री सतपाल महाराज और धन सिंह की मुलाकात हुई है। जिसके बाद धामी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं।
इस बीच हरिद्वार से विधायक पूर्व मंत्री मदन कौशिक ने भी सीएम धामी से मुलाकात हुई है।
मदन कौशिक का मंत्रिमंडल में शामिल होना तय माना जा रहा है। हरिद्वार क्षेत्र से धामी मंत्रिमंडल में कोई भी विधायक नहीं है। ऐसे में हरिद्वार जिले से मदन कौशिक और प्रदीप बत्रा का नाम सबसे ज्यादा रेस में चल रहा है। सीएम धामी से मंत्रियों और विधायकों की मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को फिर से बल मिल गया है।
इन सब मुलाकातों के बीच एक बार फिर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दोहराया है कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सीएम धामी दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात के बाद डेट फाइनल कर देंगे तो सारी चीजें सार्वजनिक हो जाएंगी। ऐसे में साफ है कि आने वाले दिनों में कभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।
धामी कैबिनेट में मंत्रियों की 5 सीटें खाली
बता दें कि धामी कैबिनेट में मंत्रियों की 5 सीटें खाली हैं। जिसमें हरिद्वार, नैनीताल, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, जिलों से प्रतिनिधित्व नहीं है। जबकि सीएम धामी चंपावत, गणेश जोशी देहरादून, सतपाल महाराज और धन सिंह पौड़ी, सुबोध उनियाल टिहरी, सौरभ बहुगुणा यूएसनगर के अलावा रेखा आर्य अल्मोड़ा जिले से आती हैं। वहीं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट चमोली जिले से आते हैं।
गुटीय, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधना धामी के लिए बड़ी चुनौती
ऐसे में जिलों के साथ ही गुटीय, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधना धामी के लिए बड़ी चुनौती हैं। जिन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा है उनमें खजानदास, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, वंशीधर भगत, विशन चुफाल, अरविंद पांडेय, विनोद कंडारी, आशा नौटियाल समेत दर्जनभर नाम शामिल हैं। ऐसे में देखना होगा कि सीएम धामी कब दिल्ली से हरी झंडी दिलाते हैं और किस विधायक की लॉटरी लगती है।
