मिनी लेक सिटी भीमताल को हवाई यातायात से जोड़ने की नैनीताल जिला प्रशासन की कवायद अब तक शुरू नहीं हो सकीं
जबकि बड़े-बड़े वीआईपी माननीयों के हेलीकॉप्टर पूर्व से अब तक यहीं आड़ू में उतरते आये हैं फिर भी क्षेत्र के साथ शासन-प्रशासन की बड़ी नाइंसाफी एसा क्यों..
समाज सेवी ब्रजवासी की माँग पर पूर्व में भी जिला प्रशासन ने भेजा था नागरिक उड्डयन विभाग को हेली पैड निर्माण हेतु आगणन
रिपोर्टर – गुड्डू सिंह ठठोला
भीमताल। उत्तराखंड पर्यटन प्रसिद्ध मिनी लेक सिटी भीमताल को हवाई यातायात से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के समय से शहरवासी मांग कर रहे थे जिस पर वर्ष 2017-18 पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा नगर आगमन पर्यटन प्रोग्राम भीमताल में हेलीपैड निर्माण की घोषणा की गयी थी।
2 साल उपरांत भी राज्य सरकार की राज्य में हेलीपैड बजट योजना जारी पर भीमताल का नाम नहीं आया तो नगर के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र ब्रजवासी ने क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा को उक्त मामले से अवगत कराया।
जिसके बाद विधायक कैड़ा ने आड़ू चयनित जमीन का अधिकारियों के साथ दौरा किया, दौरे के समय चयनित जमीन पर खड़े होकर बृजवासी ने कार्यवाही हेतु विधायक माध्यम से मुख्यमंत्री को वर्ष 2020 में ज्ञापन भिजवाया, जिस पत्र की रिसीविंग मुख्यमंत्री कार्यालय से उन्हें प्राप्त भी हुई।
उन्होंने बताया कि उनके द्वारा उसके बाद भी समय-समय पर समाचार पत्रों, पत्राचार द्वारा जिला प्रशासन, राज्य सरकार एवं ट्वीट, ईमेल, सीएम पोर्टल द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय, उड्डयन विभाग एवं राज्य के माननीयों को विकास भवन समीप आड़ू चयनित जमीन पर हेलीपैड बनाने के लिए अवगत कराया गया, बार-बार मांगों के परिणामस्वरूप पूर्व के नैनीताल जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया और लोक निर्माण विभाग द्वारा 85.55 लाख का आगणन आड़ू विकास भवन समीप का तैयार कर जिला प्रशासन को भेजा है।
जिसको जिला प्रशासन द्वारा नागरिक उड्डयन विभाग को भेजने की सूचना लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से प्राप्त हुई बृजवासी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के समय से बड़े-बड़े राजनेताओं के हेलीकॉप्टर यहां विकास भवन समीप आड़ू में उतरने देखे गए हैं।
बजट स्वीकृति निर्माण कार्यवाही आज भी शेष है, बृजवासी ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से पुनः माँग करते हुए शीघ्र बजट की स्वीकृति एवं निर्माण करने को कहां है।





