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शराब की दुकान के एवज में बैंक में रखी थी फर्जी गारंटी वर्ष 2021 में लाइसेंस प्राप्त किया।

बैंक प्रबंधक और जेई सहित तीन पर केस दर्ज।

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत

रानीखेत। शराब की दुकानों के आवंटन के एवज में फर्जी बैंक गारंटी घोटाले की प्रशासन की ओर से कराई जा रही जांच के मामले में एक और ताजा मामला अल्मोड़ा से सामने आया है।

शराब कारोबारी करन दुर्गापाल ने एक बैंक प्रबंधक और सरकारी विभाग के एक जेई समेत तीन लोगों के खिलाफ कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।

सीओ विमल प्रसाद ने बताया कि शराब कारोबारी करन दुर्गापाल ने तहरीर देकर बताया कि वह एक साझेदारी फर्म “योगेशा एंड यार्स लिकर” के पार्टनर हैं।

इस फर्म के कुछ पार्टनर्स ने शराब के व्यापार के लिए फर्म के लिए कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को देखते हुए फर्म की अन्य पार्टनर सोनिया बोरा ने रोमित साह से मिलवाया।

रोमित साह उस समय अल्मोड़ा अर्बन कोआपरेटिव बैंक की स्थानीय शाखा प्रबंधक के पद में कार्यरत थे। चूंकि रोमित साह बैंक कर्मचारी था।

इसलिए उसने अपनी पत्नी गुंजन साह को फर्म में जोड़ने का प्रस्ताव रखा बाद में रोमित साह ने अपनी पत्नी का नाम फर्म की नई साझेदारी डीड से हटवा दिया और उनको फर्म में गारंटर बनवा दिया।

ऋण खाते के स्थानांतरण के लिए रोमित साह ने उसे और अन्य पार्टनर्स से कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए और उन्होंने शपथ पत्र क्षतिपूर्ति बांड और कैनरा बैंक के कहने पर संपत्ति की गुमशुदा रजिस्ट्रियों के आधार पर रोमित साह ने कैनरा बैंक में स्वयं अपनी संपत्ति बंधक रखवाई।

आरोप है कि समय-समय पर किए गए बदलाव के कारण उसे करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

करन दुर्गापाल का आरोप है कि रोमित साह, गुंजन साह एवं अशोक सिह ने मिलीभगत कर षड्यंत्रपूर्वक फर्म के अन्य साझेदारों और उसे धोखा देने तथा वित्तीय नुकसान पहुंचाने की साजिश रची।

आपको बता दे कि आरोपी अशोक सिह एक सरकारी विभाग में जेई है। वही पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है।

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