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उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा के लिए इस साल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू की है। यात्रा की शुरुआत 29 अप्रैल से होने जा रही है, और इसके मद्देनजर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

अब यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु प्रारंभिक 15 दिनों में 24 घंटे रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर पंजीकरण कर सकते हैं। इस सुविधा के तहत यात्रियों का मैनुअल पंजीकरण तीन शिफ्टों में किया जाएगा, जिससे यात्रियों को समय पर रजिस्ट्रेशन करने में कोई समस्या न हो।

चार धाम यात्रा हर साल लाखों भक्तों को आकर्षित करती है, जो यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, और बद्रीनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल रजिस्ट्रेशन के तरीके में बदलाव किया है।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को दो तरीके से किया जा सकता है-ऑनलाइन और ऑफलाइन। इस बार ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन का कोटा 40 प्रतिशत तय किया गया है, जबकि 60 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन माध्यम से होंगे।

15 दिन तक 24 घंटे होगा रजिस्ट्रेशन

पंजीकरण काउंटरों को 15 दिनों के लिए 24 घंटे खोलने की व्यवस्था की गई है, जिससे यात्री अपनी सुविधा अनुसार किसी भी समय रजिस्ट्रेशन करवा सकें। इसके बाद प्रशासन पंजीकरण के समय में बदलाव कर सकता है, और इसे सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक किया जा सकता है, जब यात्रियों की संख्या सामान्य हो जाएगी। विकासनगर में यात्रियों के लिए 15 रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए गए हैं, जिससे उन्हें कोई असुविधा न हो।

इसके अलावा, प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक कदम उठाए हैं। गढ़वाल के सात जिलों के डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी यात्री की स्थिति गंभीर हो, तो उसे तुरंत आपदा प्रबंधन विभाग के हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर भेजा जाए। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।

पिछले साल मैनुअल रजिस्ट्रेशन में कई खामियां सामने आई थीं, जिन्हें इस साल सुधार लिया गया है। प्रशासन का यह प्रयास है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। चार धाम यात्रा के रजिस्ट्रेशन के लिए नवीनतम व्यवस्था से यात्रियों को सुविधा और सुरक्षा मिल सकेगी, और वे अपने धार्मिक यात्रा के अनुभव को सहज और यादगार बना सकेंगे।

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